Edited By Urmila,Updated: 05 Jun, 2026 11:08 AM

टी.एल.ए. भता के बिल पास करने के नाम पर 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए कालका रेलवे स्टेशन के क्लर्क को सी.बी.आई. ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
चंडीगढ़ (सुशील): टी.एल.ए. भता के बिल पास करने के नाम पर 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए कालका रेलवे स्टेशन के क्लर्क को सी.बी.आई. ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान रजनीश के रूप में हुई। सी.बी.आई. ने मोहाली निवासी हिमांशु की शिकायत पर आरोपी क्लर्क रजनीश के खिलाफ करप्शन की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
हिमांशु ने सी.बी.आई. को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता 31 अगस्त, 2023 को हिमाचल प्रदेश के टकसाल रेलवे स्टेशन से ट्रैकमैन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। अप्रैल, 2026 में हमें पता चला कि पहाड़ी क्षेत्र में तैनात सभी कर्मचारियों को कठिन स्थान भत्ता (टी.एल.ए.) का बकाया दिया जा चुका है, लेकिन पिता को टी.एल.ए. का बकाया नहीं मिला।
18 अप्रैल, 2026 को उसने पिता के भत्ते के लिए कालका रेलवे स्टेशन में टी.एल.ए. के बकाया के भुगतान हेतु आवेदन किया था, लेकिन भत्ता नहीं मिला। 4 मई, 2026 को क्लर्क रजनीश को फोन करके टी.एल.ए. के बकाया के बारे में पूछताछ की। उन्होंने भत्ता पास करवाने के लिए ऑफिस में बुलाया तो पिता की तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं 5 मई, 2026 को कालका रेलवे स्टेशन स्थित कार्यालय गया और क्लर्क रजनीश से मिला।
क्लर्क रजनीश ने बताया कि टी.एल.ए. बकाया राशि लगभग 74,000 रुपए है। हालांकि, उन्होंने इस बकाया राशि को जारी करवाने के लिए 14,000 रुपए रिश्वत की मांग की। हिमांशु ने 14,000 रुपए की रिश्वत देने में असमर्थता व्यक्त की तो उन्होंने रिश्वत की राशि घटाकर 10,000 रुपए कर दी। क्लर्क ने कहा कि रिश्वत नहीं दी गई तो टी.एल.ए. बकाया राशि जारी नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने के बाद सी.बी.आई. ने कालका रेलवे स्टेशन पर क्लर्क को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया। हिमांशु ने जैसे ही क्लर्क रजनीश को 10 हजार रिश्वत के रुपए दिए तो सी.बी.आई. ने क्लर्क को मौके पर दबोच लिया।
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