Edited By Kamini,Updated: 02 Jan, 2026 04:49 PM

पंजाब के अमृतसर स्थित एक डाकघर में कामकाज के दौरान भाषा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
अमृतसर: पंजाब के अमृतसर स्थित एक डाकघर में कामकाज के दौरान भाषा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। डाकघर में तैनात एक कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति ने उनसे स्थानीय भाषा (पंजाबी) में बातचीत करने की जबरन मांग की और मना करने पर उनके साथ बदसलूकी की गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया है। गौरतलब है कि, महाराष्ट्र में मराठी के बाद अब पंजाब के अमृतसर के डाकघर में तैनात पोस्टल असिस्टेंट को पंजाबी पढ़ने और बोलने के लिए मजबूर किया गया।
डाक कर्मचारी का कहना है कि वह कई वर्षों से अमृतसर में कार्यरत हैं और डाक विभाग के नियमानुसार हिंदी व अंग्रेजी में अपनी जिम्मेदारियां निभाते आ रहे हैं। इसके बावजूद एक व्यक्ति ने उनसे यह कहकर बहस शुरू कर दी कि पंजाब में रहते हुए पंजाबी भाषा आनी चाहिए। कर्मचारी ने बताया कि उसने शांतिपूर्वक यह स्पष्ट किया था कि उसे पंजाबी भाषा का ज्ञान नहीं है, लेकिन इसके बाद भी संबंधित व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। कर्मचारी ने आरोप है कि यह पूरी घटना डराने और दबाव बनाने की मंशा से की गई।
कर्मचारी ने यह भी कहा कि डाक विभाग केंद्र सरकार के अधीन है और देशभर में कर्मचारियों की तैनाती होती रहती है। ऐसे में हर राज्य की भाषा सीखना अनिवार्य नहीं हो सकता। डाकघर प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि कार्यालय परिसर में बिना अनुमति वीडियो बनाना नियमों के खिलाफ है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की घटनाएं न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा बल्कि विभाग की गरिमा को भी प्रभावित करती हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।
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