सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपलों की कमी होगी दूर, सितंबर तक 66 पद भरने की उम्मीद, फाइलें पहुंचीं डीपीसी के दरबार

Edited By Vatika,Updated: 29 Aug, 2026 02:15 PM

punjab school

सरकारी स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े प्रिंसिपल के पदों को भरने का इंतजार अब खत्म होने की ओर है।

अमृतसर (दलजीत): सरकारी स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े प्रिंसिपल के पदों को भरने का इंतजार अब खत्म होने की ओर है। अमृतसर जिले में 66 खाली प्रिंसिपल पदों पर पदोन्नति का रास्ता लगभग साफ हो गया है। शिक्षा विभाग ने करीब 204 शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़ी फाइलें विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) को भेज दी हैं। डीपीसी की मंजूरी के बाद प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा और सितंबर तक स्कूलों को नए प्रिंसिपल मिलने की उम्मीद है। जिले के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में लंबे समय से प्रिंसिपलों की कमी बनी हुई है। कुल 119 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 117 प्रिंसिपल पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 66 पद खाली चल रहे हैं। प्रिंसिपल के पद रिक्त होने के कारण कई स्कूलों में वरिष्ठ शिक्षकों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालनी पड़ रही हैं।

204 शिक्षकों की फाइलें पहुंचीं डीपीसी तक
शिक्षा विभाग की ओर से पदोन्नति के लिए तैयार की गई फाइलों में मास्टर, लेक्चरर और वोकेशनल लेक्चरर कैडर के शिक्षक शामिल हैं। विभागीय स्तर पर संबंधित शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जिला स्तर पर जांच पूरी होने के बाद फाइलें डीपीसी को भेजी जा रही हैं। विभागीय मंजूरी मिलने के बाद सितंबर तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद योग्य शिक्षकों को प्रिंसिपल के पद पर नियुक्ति मिल सकेगी।

प्रिंसिपल न होने से बढ़ी वरिष्ठ शिक्षकों की जिम्मेदारी
नियमित प्रिंसिपल की गैरमौजूदगी में वरिष्ठ शिक्षकों को स्कूल की प्रशासनिक व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। उन्हें अध्यापन के साथ स्कूल के वित्तीय और प्रशासनिक कार्य भी देखने पड़ते हैं। कार्यवाहक प्रिंसिपलों के अधिकार सीमित होने के कारण कई विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों में भी देरी की स्थिति बनती है। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि नियमित प्रिंसिपलों की नियुक्ति के बाद स्कूलों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और अध्यापकों को अतिरिक्त जिम्मेदारियों से राहत मिलेगी।

दो स्कूल अपग्रेड, लेकिन प्रिंसिपल पद का इंतजार
जिले में भगतांवाला और जोधा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को हाल ही में अपग्रेड किया गया है। हालांकि, इन स्कूलों में अभी तक प्रिंसिपल के पद स्वीकृत नहीं किए गए हैं। ऐसे में स्कूल अपग्रेड होने के बावजूद स्थायी स्कूल मुखी की व्यवस्था का इंतजार बना हुआ है। अमृतसर जिले में 192 मिडिल और 107 हाई स्कूल भी हैं। सरकारी स्कूलों की बड़ी संख्या को देखते हुए विभाग के लिए स्कूल प्रमुखों की नियुक्ति बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सितंबर में मिल सकती है बड़ी राहत
विभाग के एक अधिकारी के अनुसार प्रिंसिपल पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर जारी है। जिले से संबंधित फाइलें भेजी जा चुकी हैं। प्रक्रिया पूरी होते ही नई नियुक्तियां की जाएंगी। अब शिक्षकों और स्कूलों की नजर डी.पी.सी की मंजूरी पर टिकी है। यदि प्रक्रिया तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है तो सितंबर में अमृतसर के सरकारी स्कूलों को नए प्रिंसिपलों की सौगात मिल सकती है। इससे लंबे समय से खाली चल रहे पद भरने के साथ स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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