Punjab : तीन मेडिकल कॉलेजों में ओपीडी ठप्प, इमरजेंसी पर भी मंडराया खतरा, मरीज परेशान

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 30 Jun, 2025 06:21 PM

punjab opd closed in three medical colleges

पंजाब में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सतह पर आ गई है। राज्य के तीन बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेजों – अमृतसर, पटियाला और फरीदकोट – में आज रेजिडेंट डॉक्टरों और एमबीबीएस स्टूडेंट्स ने सामूहिक हड़ताल कर ओपीडी सेवाएं ठप कर दीं।

पंजाब डैस्क : पंजाब में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सतह पर आ गई है। राज्य के तीन बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेजों – अमृतसर, पटियाला और फरीदकोट – में आज रेजिडेंट डॉक्टरों और एमबीबीएस स्टूडेंट्स ने सामूहिक हड़ताल कर ओपीडी सेवाएं ठप कर दीं। इमरजेंसी सेवाएं फिलहाल चालू हैं, लेकिन डॉक्टरों की चेतावनी है कि मांगे न मानी गईं तो इमरजेंसी भी बंद करनी पड़ सकती है।

हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों की मांगें हैं कि स्टाइपेंड फीस बढ़ाई जाए। डॉक्टरों का कहना है कि पंजाब में मेडिकल स्टूडेंट्स की फीस देश में सबसे ज्यादा है, लेकिन स्टाइपेंड सबसे कम। उनका कहना है कि "हमसे लाखों की फीस ली जाती है, लेकिन काम के बदले जो स्टाइपेंड दिया जाता है, वो हमारी बेसिक जरूरतें भी पूरी नहीं करता।

गुरु गोबिंद सिंह मैडीकल कॉलेज एवं अस्पताल फरीदकोट के रैजिडैंट डाक्टर्स एवं इंटर्न्स ने मांगों को लेकर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ओ.पी.डी. परिसर में धरना दिया। डाक्टरों की हड़ताल के कारण ओ.पी.डी. बंद रही, जिसके कारण बाहर से आए मरीजों एवं अन्य मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रैजिडैंट डाक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. गिरीश एवं उपाध्यक्ष डा. मनमोहन सिंह ने बयान जारी कर कहा कि आज से गुरु गोबिंद सिंह मैडीकल अस्पताल की सभी ओ.पी.डी. सेवाएं बंद कर दी गई हैं। उन्होंने बड़े दुख के साथ कहा कि पंजाब के रैजिडैंट डाक्टरों को भारत में सबसे कम स्टाइपैंड मिल रहा है और परिस्थितियों के अनुसार उन्हें आर्थिक सहायता भी नहीं मिल रही है।

मांगों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारी केवल 3 मूल मांगें हैं, जिनमें रैजिडैंट डाक्टरों के वजीफे में तुरंत बढ़ोतरी, एम.बी.बी.एस. कोर्स की फीस में कमी और एम.बी.बी.एस. करने के बाद लागू किए गए 2 साल के बांड को तुरंत रद्द करना शामिल है। ये तीनों मांगें हमारी आवाज नहीं, हमारा अधिकार हैं। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर हमारी मांगों को लेकर उच्च अधिकारियों की ओर से कोई लिखित जवाब नहीं आता है तो यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।

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