Edited By Vatika,Updated: 03 Aug, 2026 04:17 PM

पंजाब के नेशनल हाईवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर बेहद चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें डराने वाले आंकड़े साम
चंडीगढ़: पंजाब के नेशनल हाईवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर बेहद चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें डराने वाले आंकड़े सामने आए हैं। दरअसल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सर्वेक्षण और इलेक्ट्रॉनिक डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट (e-DAR) के अनुसार, राज्य में 31 ब्लैक कॉरिडोर की पहचान की गई है, जहां हर 5 घंटे में एक सड़क हादसा होता है और इन खतरनाक मार्गों पर हर दिन औसतन 4 लोगों की मौत हो रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में पंजाब में 6,063 सड़क हादसों में 4,759 लोगों की मौत हुई। वहीं 2023 में 6,269 हादसों में 4,829 लोगों ने जान गंवाई, जबकि 2022 में 6,138 सड़क दुर्घटनाओं में 4,756 लोगों की मौत दर्ज की गई। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, मोहाली जिले में सबसे अधिक 13 ब्लैक कॉरिडोर चिन्हित किए गए हैं, जबकि फतेहगढ़ साहिब में 7 ब्लैक कॉरिडोर पाए गए हैं।
इसके अलावा बठिंडा और लुधियाना शहर में 2-2 ब्लैक कॉरिडोर, जबकि अमृतसर (देहात), होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना (देहात), मानसा, पटियाला और संगरूर में 1-1 ब्लैक कॉरिडोर की पहचान की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश में ऐसे 6,358 ब्लैक कॉरिडोर चिन्हित किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी, ओवरलोडिंग, व्यावसायिक वाहनों की कमजोर निगरानी और कई स्थानों पर सड़कों की खराब इंजीनियरिंग सड़क हादसों के प्रमुख कारण हैं।