Edited By Kamini,Updated: 29 Jul, 2026 04:58 PM

पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने 2 अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं का स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लेते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
पंजाब डेस्क : पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने 2 अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं का स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लेते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। दरअसल, PU छात्रा की मौत और मोहाली में मासूम की डूबने से मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त नजर आ रहा है।
पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में पीएचडी छात्रा की करंट लगने से मौत और बारिश के पानी से भरे गड्ढे में गिरने 6 वर्षीय बच्चे की मौत को लेकर पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने सुओ मोटू लिया है। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए कहा कि माइक्रोबायोलॉजी विभाग की पीएचडी स्कॉलर की गर्ल्स हॉस्टल-8 के पास खुले बिजली के तारों की चपेट में आने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इसके बाद तुरन्त छात्रा को सेक्टर-16 स्थित सरकारी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन किया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। मृतका के परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, आयोग ने इस मामले में यूटी चंडीगढ़ के मुख्य अभियंता और पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से अगली सुनवाई से पहले रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही आयोग ने अपने आदेश की प्रति और समाचार की कॉपी ई-मेल व डाक के माध्यम से भेजकर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं दूसरा मामला मोहाली (एसएएस नगर) का है, जहां बारिश के पानी से भरे गड्ढे में गिरने से 6 वर्षीय विराट की मौत हो गई। यह गड्ढा एक निर्माणाधीन पार्क के पास था। आयोग ने इस घटना को भी गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लिया है। आयोग ने नगर निगम, एसएएस नगर के आयुक्त और उपायुक्त, एसएएस नगर से अगली सुनवाई से पहले विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को ई-मेल और डाक के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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