पंजाब सरकार Action Mode में, LIT के कंप्यूटर ऑपरेटरों को जारी हुआ Notice

Edited By Sunita sarangal,Updated: 21 Aug, 2026 04:45 PM

punjab government issued show cause notice to lit operators

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद का मूल वेतनमान 1,800-3,200 रुपये निर्धारित था।

लुधियाना(राज): लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (LIT) में तैनात तीन कंप्यूटर ऑपरेटरों को गलत पे-स्केल के आधार पर वर्षों तक अधिक वेतन जारी किए जाने के मामले में पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। स्थानीय निकाय विभाग के आदेशों के बाद ट्रस्ट प्रशासन ने ऑपरेटर संदीप शर्मा, तरनजीत सिंह और सुखदेव सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने और उनसे अतिरिक्त दी गई सैलरी की वसूली की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत 'प्राकृतिक न्याय' (Natural Justics) का पालन करते हुए वसूली से पूर्व तीनों कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाएगा।

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद का मूल वेतनमान 1,800-3,200 रुपये निर्धारित था। 5वें पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत इसे 5,910-20,200 रुपये (प्लस 1,900 रुपये ग्रेड पे) में संशोधित किया जाना था। नियमों की अनदेखी करते हुए इन तीनों ऑपरेटरों को 10,300-34,800 रुपये (प्लस 4,400 रुपये ग्रेड पे) का भारी-भरकम स्केल आवंटित कर दिया गया।इस गलत संशोधन के कारण ऑपरेटरों को हर महीने उनकी वास्तविक पात्रता से कहीं अधिक वेतन का भुगतान होता रहा, जिससे वर्षों में सरकारी खजाने को बड़ा वित्तीय नुकसान पहुंचा।

शुरुआत में जब स्थानीय निकाय विभाग ने इस वित्तीय गड़बड़ी को पकड़ा, तो सीधे वेतन घटाने और वसूली के निर्देश दे दिए गए थे। इसके खिलाफ प्रभावित कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भले ही कर्मचारियों को अधिक वेतन मिला हो, लेकिन बिना कारण बताओ नोटिस दिए और बिना उनका पक्ष सुने वेतन में कटौती या वसूली नहीं की जा सकती। अदालत ने कर्मचारियों की दलीलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा किया था।

अकाउंट्स ब्रांच करेगी ऑडिट, फिर तय होगी वसूली की रकम

स्थानीय निकाय विभाग के ताजा आदेशों के बाद एल.आई.टी. के कार्यकारी अधिकारी हरिंदर सिंह ने मामले की फाइल पे-रोल और अकाउंट्स ब्रांच को सौंप दी है। अकाउंट्स ब्रांच तीनों ऑपरेटरों की जॉइनिंग डेट से लेकर अब तक के पूरे सैलरी लेजर और पे-रॉल रिकॉर्ड का विस्तृत ऑडिट करेगी। इसके बाद अतिरिक्त भुगतान की गई अंतिम राशि का आकलन किया जाएगा और कर्मचारियों को औपचारिक नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो अतिरिक्त राशि की एकमुश्त या किस्तों में वसूली शुरू की जाएगी।

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