Edited By Kalash,Updated: 19 Jan, 2026 02:21 PM

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पंजाब डेस्क : पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी में पदों के बंटवारे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दलित समुदाय को कोई बड़ा नेतृत्व पद नहीं दिया गया है और प्रदेश कांग्रेस प्रधान, विधानसभा में नेता विपक्ष और छात्र संगठन एनएसयूआई तीनों पद जट्ट सिख नेताओं के पास है।
यह मुद्दा चन्नी द्वारा चंडीगढ़ में शनिवार को हुई प्रदेश कांग्रेस की एससी सेल की बैठक के दौरान उठाया गया। इस दौरान एससी नेताओं में नाराजगी देखने को मिली और माहौल गरमा गया। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने चन्नी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चन्नी को कई अहम जिम्मेदारियां दी हैं। दो बार विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद पार्टी ने उन्हें जालंधर से सांसद बनाया। इसके साथ ही वह कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य हैं और लोकसभा की कृषि समिति के अध्यक्ष भी हैं। वड़िंग ने कहा कि पार्टी में दलितों को हमेशा सम्मान मिला है और कांग्रेस में जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता।
विवाद बढ़ने के बाद चरणजीत चन्नी ने भी अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी जाति या समुदाय के खिलाफ बोलना नहीं था, बल्कि सामाजिक न्याय की बात करना था। उनका कहना है कि दलित समाज को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और यही उनकी मांग रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा सभी समुदायों के साथ खड़े रहे हैं और उनका मुद्दा केवल बराबरी और न्याय से जुड़ा है, न कि किसी तरह की जातीय राजनीति से।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here