वडिंग के ‘RSS के चमचे’ वाले बयान के बाद आशु की शायराना एंट्री, सियासी हलकों में छिड़ी चर्चा

Edited By Kalash,Updated: 08 Aug, 2026 05:32 PM

punjab congress bharat bhushan ashu

लुधियाना कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच गुरुवार को ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ बैठक में हुए विवाद के बाद शनिवार को पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की एक शायराना सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।

लुधियाना (विक्की): लुधियाना कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच गुरुवार को ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ बैठक में हुए विवाद के बाद शनिवार को पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की एक शायराना सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। हालांकि आशु ने पोस्ट में किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे गुरुवार की घटना के बाद उनके विरोधियों को दिया गया जवाब माना जा रहा है।

गुरुवार को लुधियाना में कांग्रेस की ओर से ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान के तहत बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान भारत भूषण आशु के समर्थकों की ओर से ‘आशु-आशु’ के नारे लगाए गए। नारेबाजी को लेकर माहौल उस समय गर्म हो गया, जब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद राजा वडिंग ने नारे लगा रहे लोगों पर नाराजगी जाहिर की। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करने वालों को कथित तौर पर ‘आरएसएस का चमचा’ कहते हुए हाल से बाहर जाने के लिए कहा था।

इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस के भीतर एक बार फिर गुटबाजी और नेताओं के बीच बढ़ती तल्खी को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि भारत भूषण आशु ने इस पूरे मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और न ही सार्वजनिक तौर पर वडिंग के बयान का जवाब दिया।

दो दिन बाद सोशल मीडिया पर शायरी से जवाब 

गुरुवार की घटना के दो दिन बाद शनिवार को आशु ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक शायराना पोस्ट शेयर की। पोस्ट की शुरुआत “इक तेरे कहने से मैं बेवफा हो जाऊंगा...” से होती है। इसमें आगे अपने हर लफ्ज का खुद आईना बनने, गिरने के बाद भी मजबूती से खड़े होने और रास्ता रोकने वालों के सामने डटे रहने जैसे भाव व्यक्त किए गए हैं।

पोस्ट में एक पंक्ति है— “तुम गिराने में लगे थे, तुमने सोचा ही नहीं, मैं गिरा तो मसअला बनकर खड़ा हो जाऊंगा।” वहीं आगे लिखा गया है कि अभी उनका सफर जारी है और रास्ता रोकने की कोशिश हुई तो वह अपने अंदाज में जवाब देंगे।

PunjabKesari

नाम किसी का नहीं, निशाना किस पर? 

आशु की पोस्ट में किसी नेता, पार्टी पदाधिकारी या गुरुवार की बैठक का कोई सीधा उल्लेख नहीं है। इसके बावजूद पोस्ट का समय और हालिया घटनाक्रम इसे राजनीतिक रूप से अहम बना रहा है। कांग्रेस के भीतर इसे गुरुवार की घटना के संदर्भ में देखा जा रहा है और तरह-तरह के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। खास बात यह है कि आशु ने सीधे राजनीतिक बयान देने के बजाय शायरी के जरिए अपनी बात रखी है। ऐसे में अब कांग्रेस के राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि यह पोस्ट महज एक शायराना अंदाज है या फिर गुरुवार को हुए घटनाक्रम का बिना नाम लिए दिया गया जवाब।

‘हर बूथ मजबूत’ की बैठक में ही सामने आए मतभेद 

कांग्रेस द्वारा संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने के लिए आयोजित बैठक में ही जिस तरह नारेबाजी को लेकर विवाद सामने आया, उससे पार्टी की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। संगठन को मजबूत करने के लिए बुलाई गई बैठक में नेताओं के समर्थकों के बीच नारेबाजी और उसके बाद हुई तीखी प्रतिक्रिया ने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों की परतें खोल दी हैं। अब आशु की शायराना पोस्ट के बाद यह विवाद सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में फिर से ताजा हो गया है। आशु ने नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी शायरी के सियासी मायने जरूर तलाशे जा रहे हैं।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!