पेंशन धारक दें ध्यान! पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

Edited By Kalash,Updated: 04 Apr, 2026 11:27 AM

punjab and haryana high court pensioners verdict

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने साफ किया है कि पेंशन मामलों में राहत सिर्फ कानूनी नियमों के दायरे में ही दी जा सकती है।

चंडीगढ़ (गंभीर): पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने साफ किया है कि पेंशन मामलों में राहत सिर्फ कानूनी नियमों के दायरे में ही दी जा सकती है। कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रिटायर्ड कर्मचारी खरती राम मैनी की याचिका को खारिज कर दिया, जिसने लंबे समय बाद पेंशन पुनर्वास की मांग की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की पेंशन 1993 में नियमों के मुताबिक तय की गई थी और सिर्फ पहले तय पेंशन को ही मान्यता दी जा सकती है।    

याचिकाकर्ता की विनती को रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा कि सैलरी रिवीजन के आधार पर पेंशन पुनर्वास तभी संभव है जब साफ नियम मौजूद हों। कोर्ट ने 2006 के सर्कुलर को पिछले प्रभाव से लागू करने से भी इनकार कर दिया, ये कहते हुए कि देरी से किए दावे सेवा मामलों में स्वीकारयोग्य नहीं है।   याचिकाकर्ता कोई कानूनी अधिकार साबित करने में असफल रहा और इसलिए याचिका खारिज कर दी गई।

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