नीति आयोग की रिपोर्ट ने निवेश को लेकर आप सरकार के झूठे दावों की खोली पोल; पंजाब 22वें स्थान पर फिसला : ढिल्लों

Edited By Urmila,Updated: 19 Jul, 2026 04:31 PM

niti aayog report exposes the aap government s false claims regarding investment

ढिल्लों ने कहा कि पिछले कई वर्षों से आम आदमी पार्टी सरकार निवेश सम्मेलनों, लाखों करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) और करोड़ों रुपये के विज्ञापनों के माध्यम से पंजाब में अभूतपूर्व औद्योगिक विकास और निवेश आने के बड़े-बड़े दावे करती रही है।

चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आज कहा कि नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 ने पंजाब में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार के खोखले दावों की पूरी तरह पोल खोल दी है।

ढिल्लों ने कहा कि पिछले कई वर्षों से आम आदमी पार्टी सरकार निवेश सम्मेलनों, लाखों करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) और करोड़ों रुपये के विज्ञापनों के माध्यम से पंजाब में अभूतपूर्व औद्योगिक विकास और निवेश आने के बड़े-बड़े दावे करती रही है। लेकिन अब सच्चाई पूरे देश के सामने आ चुकी है। नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 के अनुसार 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में पंजाब को 22वां स्थान मिला है, जो निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने में राज्य सरकार की पूरी विफलता को उजागर करता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पंजाब को विकास का नहीं, बल्कि केवल प्रचार का मॉडल बना दिया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने विज्ञापनों, फोटोशूट और आत्म-प्रचार पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन न तो नए उद्योग पंजाब आए, न युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े और न ही निवेशकों का भरोसा कायम रह सका। इसके विपरीत निवेशकों का विश्वास लगातार कमजोर हुआ है।

ढिल्लों ने कहा कि जो पंजाब कभी देश के अग्रणी औद्योगिक और उद्यमशील राज्यों में गिना जाता था, वह आज आम आदमी पार्टी सरकार की नीतिगत विफलता, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और निवेशकों में विश्वास पैदा करने में असफल रहने के कारण पिछड़ता जा रहा है। उद्योगों को बढ़ावा देने और बेहतर औद्योगिक ढांचा तैयार करने के बजाय सरकार केवल राजनीतिक प्रचार और मार्केटिंग में व्यस्त रही।

उन्होंने कहा कि पंजाब को फोटोशूट, होर्डिंग और भ्रामक प्रचार की नहीं, बल्कि मजबूत कानून-व्यवस्था, पारदर्शी एवं उद्योग-अनुकूल नीतियों, विश्वसनीय आधारभूत संरचना, कारोबार करने में आसानी और नए निवेश आकर्षित करने के गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है, ताकि प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।

ढिल्लों ने कहा कि पंजाब की जनता अब विज्ञापनों और झूठे प्रचार से प्रभावित होने वाली नहीं है। जनता अब परिणाम, आर्थिक प्रगति, रोजगार और वास्तविक विकास चाहती है। नीति आयोग की यह रिपोर्ट इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि झूठे दावे और करोड़ों के विज्ञापन कभी भी सुशासन और वास्तविक उपलब्धियों का विकल्प नहीं हो सकते।

उन्होंने भगवंत मान सरकार से आत्म-प्रचार छोड़कर पंजाब को दोबारा निवेश का पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए नीति स्थिरता, औद्योगिक विकास, निवेशकों का विश्वास बहाल करने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर गंभीरता से काम करने का आग्रह किया।

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