Edited By Urmila,Updated: 17 Jul, 2026 02:42 PM

अगर आपके पास पक्का इरादा, कड़ी मेहनत और कुछ करने का जुनून हो, तो आप गांव की गलियों से भी देश की सबसे ऊंची चोटियों तक पहुंच सकते हैं।
समराला (सचदेवा, वर्मा): अगर आपके पास पक्का इरादा, कड़ी मेहनत और कुछ करने का जुनून हो, तो आप गांव की गलियों से भी देश की सबसे ऊंची चोटियों तक पहुंच सकते हैं। गांव नडेले (सिहाला) की बेटी सिमरन रानी ने ऐसा ही इतिहास रचा है और हाल ही में घोषित हुए NEET रिजल्ट में बड़ी सफलता हासिल करके दिखा दिया है। सिमरन ने 720 में से 715 नंबर लाकर और ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करके अपने माता-पिता, गांव और पूरे इलाके को गौरवान्वित किया है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद गांव में खुशी का माहौल है और परिवार को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
रोजाना 12 से 13 घंटे की पढ़ाई
मीडिया से बात करते हुए सिमरन ने बताया कि उनके पिता जगदीप कुमार और दादा पेशे से किसान हैं। सिमरन ने अपनी 11वीं और 12वीं की पढ़ाई सरकारी स्कूल से पूरी की। उन्होंने बताया कि क्लास 10 के बाद उनके मामा ने उन्हें मेडिकल लाइन चुनने और NEET की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया था। अपने स्टडी शेड्यूल के बारे में बात करते हुए सिमरन ने बताया कि रोज़ाना 6 घंटे ऑनलाइन क्लास लेने के बाद वह 12-13 घंटे सेल्फ-स्टडी करती थीं और देर रात तक पढ़ाई में लगी रहती थीं। उन्होंने टाइम मैनेजमेंट से बायोलॉजी और केमिस्ट्री के साथ-साथ फिजिक्स जैसे मुश्किल सब्जेक्ट्स में भी महारत हासिल की।
री-NEET विवादों के दौरान भी हिम्मत नहीं हारी
NEET एग्जाम को लेकर हाल ही में हुए विवादों और री-एग्जाम (री-NEET) के दौरान हुई मानसिक परेशानियों के बारे में सिमरन ने बहुत खुलकर जवाब दिया। उन्होंने बताया कि पहले एग्जाम में उन्हें 710 मार्क्स मिल रहे थे लेकिन जब री-NEET की बात आई तो वह थोड़ी निराश हुईं लेकिन उन्होंने खुद पर कंट्रोल किया और फिर से मेहनत की और इस बार 715 मार्क्स हासिल किए। सिमरन का सपना अब सरकारी सेक्टर में जाकर अपनी MBBS की पढ़ाई पूरी करके एक सफल डॉक्टर बनना है।
बेटियों को बोझ न समझने की अपील
सिमरन ने समाज को संदेश देते हुए कहा कि आज भी कई घरों में बेटियों को आगे बढ़ने से रोका जाता है, लेकिन माता-पिता को अपनी बेटियों के सपनों को पंख देने चाहिए। परिवार और माता-पिता के सपोर्ट के बिना कोई भी बच्चा अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर सकता।
गांव के सरपंच और परिवार ने जताई खुशी
सिमरन के पिता जगदीप कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी ने दिन-रात मेहनत करके पूरे देश में परिवार का नाम रोशन किया है। मौके पर मौजूद गांव के सरपंच ने सिमरन की तारीफ करते हुए कहा, "आज के दौर में जहां ज्यादातर बच्चे सोशल मीडिया, मोबाइल और इंस्टाग्राम रील्स में बिजी रहते हैं, उनकी बेटी ने मोबाइल का सही इस्तेमाल करके और कड़ी मेहनत करके यह मुकाम हासिल किया है। उनके पूरे इलाके के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी बच्चे ने NEET जैसे एग्जाम में 720 में से 715 मार्क्स हासिल किए हैं। यह पूरे शहर के लिए बहुत गर्व की बात है।"
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