Edited By Vatika,Updated: 22 Aug, 2026 09:40 AM

महानगर में सीवरेज व ईटीपी लाइनों में अनाधिकृत रूप से गोबर बहाने वाले डेयरी संचालकों के...
लुधियाना, (राज): महानगर में सीवरेज व ईटीपी लाइनों में अनाधिकृत रूप से गोबर बहाने वाले डेयरी संचालकों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया हुआ है। नगर निगम लुधियाना जोन-डी के ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) सेल के नोडल अफसर की सिफारिश पर पुलिस ने 4 डेयरी मालिकों के खिलाफ पर्यावरण नियमों के उल्लंघन और ईटीपी (Effluent Treatment Plant) लाइन को नुकसान पहुंचाने के आरोप में दो अलग-अलग मुकद्दमे दर्ज किए हैं।
नगर निगम जोन-डी के जूनियर इंजीनियर व नोडल अफसर (O&M सेल) द्वारा भेजी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने पहली एफआईआर दर्ज की है। जांच में सामने आया कि डेयरी मालिक गुरसेवक सिंह और जोगिंदर सिंह नियमों की अनदेखी करते हुए अपनी डेयरियों से गायों का गोबर वाश-आउट (पानी से बहाकर) कर सीधे ईटीपी लाइन में डाल रहे थे। इससे ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज लाइन के चोक होने का गंभीर खतरा पैदा हो रहा था। इसी तरह दूसरे मामले में डेयरी मालिक मुख्तियार सिंह और पप्पू को नामजद किया गया है। इन दोनों आरोपियों पर भी अपनी डेयरी से गायों का गोबर धोकर ईटीपी लाइन में बहाने के पुख्ता आरोप पाए गए हैं।
दर्ज हुई दो अलग-अलग FIR
नगर निगम अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि डेयरियों का गोबर सीधे सीवरेज या ईटीपी लाइनों में बहाना पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे सीवरेज सिस्टम ठप हो जाता है और प्रदूषण फैलता है। थाना pau की पुलिस ने नगर निगम के पत्रों के आधार पर चारों आरोपियों गुरसेवक सिंह, जोगिंदर सिंह, मुख्तियार सिंह और पप्पू के खिलाफ प्रदूषण फैलाने के आरोप में केस दर्ज और अगली कानूनी तफ्तीश शुरू कर दी है। निगम अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शहर में प्रदूषण फैलाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य डेयरी संचालकों के खिलाफ भी आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।