Edited By Vatika,Updated: 20 Jun, 2026 09:17 AM

चीमा चौक इलाके में 2 महीने पहले लापता हुए एक 27 वर्षीय युवक की गुमशुदगी का मामला अब एक बेहद खौफनाक और
लुधियाना (राज): चीमा चौक इलाके में 2 महीने पहले लापता हुए एक 27 वर्षीय युवक की गुमशुदगी का मामला अब एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज हत्याकांड में तब्दील हो चुका है। पुलिस तफ्तीश में यह चौंकाने वाला राज खुला है कि युवक के ही दो दोस्तों ने उसे जबरन नशे की ओवरडोज देकर मौत के मुंह में धकेल दिया था। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले दो आरोपियों के खिलाफ हत्या का संगीन मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान हरशरण सिंह उर्फ रजत (27) के रूप में हुई है।
पुलिस को दिए बयानों में शिकायतकर्ता करमजीत कौर ने बताया कि उसका भाई हरशरण सिंह उर्फ रजत बीती 23 अप्रैल को अचानक संदेहास्पद परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो पीड़ित परिवार ने थाना मोती नगर, लुधियाना में इसकी लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर मोती नगर पुलिस के जांच अधिकारी ने 27 अप्रैल को डीडीआर नंबर 18 (रोजनामचा) दर्ज कर युवक की तलाश शुरू की थी। इसी बीच, पीड़ित परिवार को अपने स्तर पर बेहद चौंकाने वाली जानकारी हाथ लगी। शिकायतकर्ता को पता चला कि उसका भाई हरशरण सिंह लापता होने वाले दिन यानी 23 अप्रैल को इलाके के ही दो युवकों विकास और मनीष कुमार के साथ देखा गया था। ये दोनों रजत को अपने साथ चीमा चौक फ्लाईओवर (पुल) के नीचे लेकर गए थे। आरोप है कि वहां इन दोनों ने साजिश के तहत रजत को किसी नशीले पदार्थ का सेवन करवा दिया।
नशे की अत्यधिक मात्रा (ओवरडोज) के कारण रजत की तबीयत बिगड़ गई और उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस खौफनाक खुलासे के बाद थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस तुरंत हरकत में आई और केस दर्ज कर दोनों नामजद आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विकास उर्फ नरूआ (पुत्र राम बरन, निवासी परदेसपुर, जिला रायबरेली, उत्तर प्रदेश) और मनीष कुमार (पुत्र छोटू उर्फ दविंदर कुमार, निवासी गांव फुक्ली, जिला छपरा, बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और रजत के शव व इस वारदात से जुड़े अन्य सबूतों को खंगालने के लिए अगली कड़ाई से पूछताछ और कानूनी तफ्तीश शुरू कर दी है।