Edited By Kamini,Updated: 20 Jun, 2026 12:52 PM

ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) को करोड़ों का नोटिस जारी होने की खबर सामने आई है।
पंजाब डेस्क : ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) को करोड़ों का नोटिस जारी होने की खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार रियल एस्टेट कंपनी जनता लैंड प्रमोटर्स लिमिटेड (JLPL) ने GMADA को 5 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस जारी किया है। JLPL कंपनी का कहना है कि कोर्ट में मामला लंबित होने और न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) मिलने के बावजूद उसका नाम कथित डिफॉल्टरों की सूची में शामिल किया गया। इससे उसकी छवि को नुकसान पहुंचा है।
जानकारी के मुताबिक नोटिस में GMADA के मुख्य प्रशासक से मांग की गई है कि डिफॉल्टरों की सूची से तत्काल उसका नाम हटाया जाए और सार्वजनिक माफी मांगी जाए। यही नहीं इस नोटिस में चेतावनी भी दी गई है कि यदि 3 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो कंपनी द्वारा कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
वहीं इस मामले संबंधी जानकारी देते हुए मोहाली से आम आदमी पार्टी के विधायक और JLPL से जुड़े कुलवंत सिंह ने कहा कि विवाद पहले से ही कोर्ट में विचाराधीन है। कंपनी को कोर्ट से राहत प्राप्त है। अगर मामले में स्टे आदेश लागू है, तब GMADA ने कंपनी को डिफॉल्टरों की सूची में शामिल करने का निर्णय किस आधार पर लिया, ये सब समझ से परे है।
क्या पूरा मामला:
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब कांग्रेस के सीनियर नेता एवं पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने GMADA की बकाया राशि वसूली प्रक्रिया पर सवाल उठाए। सिद्धू ने आरोप रियल एस्टेट डेवलपर्स से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया रकम की वसूली करने में विफल रहा है। बताया जा रहा है कि, GMADA द्वारा जारी डिफॉल्टर सूची में 20 प्रमोटरों के नाम शामिल हैं, जिन पर कुल मिलाकर 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी दावा किया कि इनमें जनता लैंड प्रमोटर्स लिमिटेड (JLPL) सबसे बड़े बकायेदारों में शामिल है और कंपनी पर लगभग 152 करोड़ रुपये की देनदारी बकाया है।
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