Edited By VANSH Sharma,Updated: 05 Feb, 2026 09:57 PM

पंजाब में मिड-डे मील वर्करों की लंबित मांगों को सरकार अब तक अनसुना करती रही है।
लुधियाना (विक्की): पंजाब में मिड-डे मील वर्करों की लंबित मांगों को सरकार अब तक अनसुना करती रही है। वहीं, अब स्कूलों में बच्चों का एक दिन का मिड-डे मील बनाने को लेकर शिक्षा विभाग के सामने चिंता बढ़ गई है।
मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन ने 12 फरवरी को एक दिवसीय हड़ताल करने का ऐलान किया है। इस हड़ताल के कारण बच्चों को दोपहर का खाना कौन देगा, यह बड़ा सवाल बन गया है। पंजाब स्टेट मिड-डे मील सोसाइटी ने जब इसका कोई हल नहीं निकाला, तो अब स्कूल प्रमुखों को ही इस दिन बच्चों को खाना खिलाने की जिम्मेदारी दी गई है। स्कूलों को कहा गया है कि हड़ताल के दौरान यदि कोई कुक या हेल्पर स्कूल में नहीं आए, तो वे अपने स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था करें।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि हड़ताल के दौरान मिड-डे मील प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके लिए जो भी खर्च होगा, वह कुकिंग कॉस्ट के फंड से किया जाएगा। यूनियन नेताओं का कहना है कि सरकार उनकी अल्प मजदूरी और सुविधाओं की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। वहीं, हड़ताल के दिन वैकल्पिक व्यवस्था करने के दबाव को वर्कर अपने शोषण के रूप में देख रहे हैं। बताया जा रहा है कि 12 फरवरी को बड़ी संख्या में कुक और हेल्पर हड़ताल में हिस्सा लेंगे।
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