Edited By Subhash Kapoor,Updated: 04 Feb, 2026 10:06 PM

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पंजाब सरकार की उस नीति पर रोक लगा दी है, जिसके तहत वन क्षेत्र से सटी निचली शिवालिक पहाड़ियों में फार्महाउस या तथाकथित “ग्रीन हैबिटेट” के निर्माण की अनुमति दी गई थी। ट्रिब्यूनल के इस आदेश के बाद शिवालिक की संवेदनशील...
चंडीगढ़।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पंजाब सरकार की उस नीति पर रोक लगा दी है, जिसके तहत वन क्षेत्र से सटी निचली शिवालिक पहाड़ियों में फार्महाउस या तथाकथित “ग्रीन हैबिटेट” के निर्माण की अनुमति दी गई थी। ट्रिब्यूनल के इस आदेश के बाद शिवालिक की संवेदनशील पहाड़ियां फिलहाल सुरक्षित मानी जा रही हैं। इस मामले में NGT ने अगली सुनवाई की तारीख 9 अप्रैल तय की है। तब तक इस नीति पर स्टे (रोक) लागू रहेगी। इससे पहले भी ट्रिब्यूनल ने 4 फरवरी तक अस्थायी रोक लगाई थी, जिसे अब आगे बढ़ा दिया गया है। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने में असफल रही।
NGT ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार की यह फार्महाउस नीति पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हो सकती है और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्देशों का उल्लंघन करती प्रतीत होती है। आरोप है कि इस नीति के जरिए 55,000 हेक्टेयर से अधिक संरक्षित वन क्षेत्र में मौजूद अवैध निर्माण को वैध बनाने का प्रयास किया गया था।
गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने लगभग 55,000 हेक्टेयर वन भूमि को पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम (PLPA) के दायरे से बाहर कर दिया था, जिसे लेकर यह कानूनी लड़ाई चल रही है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह नीति पर्यावरण संरक्षण के बजाय प्रभावशाली लोगों और बड़े बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लाई गई थी।