Edited By Subhash Kapoor,Updated: 03 Feb, 2026 08:51 PM

लंबे समय बाद ज़मानत पर रिहा हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने जेल से बाहर निकलते ही पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। रिहाई के तुरंत बाद मजीठिया ने आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोलते हुए सीधे चुनावी...
पंजाब डैस्क : लंबे समय बाद ज़मानत पर रिहा हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने जेल से बाहर निकलते ही पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। रिहाई के तुरंत बाद मजीठिया ने आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोलते हुए सीधे चुनावी मैदान में उतरने की चुनौती दे डाली।
मजीठिया ने सीएम मान को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री को अपने पर भरोसा है तो वह मजीठा विधानसभा सीट से उनके खिलाफ चुनाव लड़कर दिखाएं। मजीठिया के इस बयान को पंजाब की सियासत में सीधे-सीधे “पॉलिटिकल शोडाउन” की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
मजीठिया ने अपनी जान को खतरा बताते हुए दावा किया कि सरकार उनकी सुरक्षा में लापरवाही बरत सकती है। उन्होंने यहां तक कहा कि उनके साथ सिद्धू मूसेवाला जैसा हादसा भी कराया जा सकता है। इस बयान ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। भावुक होते हुए मजीठिया ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी के दौरान उनके परिवार, खासकर उनकी पत्नी को परेशान किया गया। साथ ही, उनके समर्थकों पर राजनीतिक बदले की भावना से झूठे मामले दर्ज किए गए। मजीठिया का कहना है कि यह सब उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है।