Edited By Vatika,Updated: 10 Jul, 2026 03:30 PM

बिजली निगम में कर्मचारियों को महंगाई भत्ता हमेशा पंजाब सरकार के नियमों
पटियाला/सनौर: जत्थेबंदी इम्प्लाइज फेडरेशन चाहल ने कर्मचारी आंदोलन के संघर्ष को तेज करने का ऐलान किया है। संगठन ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) में मोबाइल खरीद घोटाला, टेंडर घोटाला और विभिन्न स्तरों पर फैले भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुरवेल सिंह बल्लपुरिया और प्रवक्ता मनजीत सिंह चाहल ने बताया कि 16 कर्मचारी संगठनों के संयुक्त आह्वान को लागू करने के लिए राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। महंगाई भत्ते (DA) के मुद्दे पर भी सरकार टालमटोल का रवैया अपना रही है। नेताओं ने कहा कि बिजली निगम में कर्मचारियों को महंगाई भत्ता हमेशा पंजाब सरकार के नियमों के अनुसार दिया जाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है।
इसी के विरोध में 14 जुलाई को पूरे पंजाब की सभी सब-डिवीजनों, हाइडल कार्यालयों और थर्मल प्लांटों में प्रदर्शन और जोरदार नारेबाजी की जाएगी। इसके अलावा 17 जुलाई को चंडीगढ़ में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी शामिल होंगे। संगठन ने आगे बताया कि 21 और 22 जुलाई को बिजली कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे, जबकि पेंशनर गिरफ्तारी देंगे। साथ ही 'वर्क टू रूल' आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा। राज्य स्तरीय बैठक में दर्शन सिंह राजिया, रघबीर सिंह घग्गा, हरी सिंह पातड़ां, दर्शन सिंह, ऋषु अरोड़ा, प्रताप सिंह, गुरदीप सिंह बोलड़कलां और अजीत सिंह मौलवीवाला सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।