Edited By Kamini,Updated: 24 Jun, 2026 03:17 PM

महाराष्ट्र सरकार ने नांदेड़ स्थित तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब एक्ट को बदलने की कोशिश कर रही है, जिससे सिखों में रोष पाया जा रहा है।
पंजाब डेस्क: महाराष्ट्र सरकार ने नांदेड़ स्थित तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब एक्ट को बदलने की कोशिश कर रही है, जिससे सिखों में रोष पाया जा रहा है। इसी मामले को लेकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मनजीत सिंह जी.के ने लाइव होकर अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, 2 दिनों से खबर सामने आ रही है कि, महाराष्ट्र सरकार 1956 का नादेड़ का तख्त हजूर साहिब के एक्ट को खत्म करके नया एक्ट ला रही है। समझ नहीं आ रहा है कि, हमारे गुरू घरों में दखअंदाजी क्यों की जा रही है।
मनजीत सिंह जी.के ने कहा कि, इस बदलाव के खिलाफ तख्त साहिब में उपस्थित संगत और पंज प्यारों के बीच एक सर्वसम्मति से 'रेजोल्यूशन' (प्रस्ताव) भी पास किया गया है, जिसमें मांग की गई है कि नांदेड़ सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1956 को बिना किसी छेड़छाड़ के पहले जैसा ही रखा जाए। सिख संगठनों का मानना है कि इस नए ड्राफ्ट कानून के माध्यम से सरकार गुरुद्वारा बोर्ड पर अपना सीधा नियंत्रण स्थापित करना चाहती है
मनजीत सिंह जी.के ने कहा कि, मैं महाराष्ट्र सरकार से कहना चाहता हूं कि, इंदिरा गांधी की गलतियों से सबक लें। इंदिरा गांधी ने दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी में गोली चलवाई थी। 1970 में गोली चलाने के बाद 15 दिन गुरुद्वारा शीश गंज साहिब बंद रहा था, 2 दिन गुरुद्वारा बंगला साहिब बंद रहा। उन्होंने कहा कि जान बूझकर कब्जे करवाए गए। इसका कारण बंगला साहिब के सरोवर की जमीन जत्थेदार संतोख सिंह ने जबरदस्ती छीन ली। इंदिरा गांधी सिखों की कमेटी को खत्म करना चाहती थी। इस मुद्दो को लेकर मोर्चा लगा और मोर्चा लगने के बाद 1971 में इंदिरा गांधी को मोर्चे की बात माननी पड़ी। दिल्ली सिख गुरुद्वारा एक्ट 1971 जिसमें आज चुनाव होते हैं जिसके 46 मैंबर चयनित होते हैं। इसके एक्ट को खत्म करके महाराष्ट्र सरकार नया एक्ट लाना चाहती हैं। हम इसका विरोध करते हैं। आखिर में उन्होंने कहा कि, सिखों के स्थान सिख और संगत ही चलाएगी।
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