पंजाब में राशन सिस्टम में बड़ा बदलाव: फिंगरप्रिंट खत्म, QR स्कैन से मिलेगा अनाज

Edited By Vatika,Updated: 17 Apr, 2026 08:28 AM

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राशन वितरण में पारदर्शिता की पहल : आधार से मोबाइल लिंक, क्यू.आर. कोड स्कैन से मिलेगा गेहूं का कोटा

लुधियाना(खुराना): खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा पंजाब भर में राशन कार्ड धारकों के हिस्से की गेहूं की हो रही कालाबाजारी और गोलमाल के चल रहे खेल के खिलाफ लगाम कसने के लिए बड़ा जुगाड़ लगाया गया है, जिसके तहत विभाग द्वारा सभी लाभ पात्र परिवारों के आधार कार्ड के साथ उनके मोबाइल फोन नंबर लिंक किया जा रहे हैं ताकि विभाग द्वारा जारी किया गया राशन सही हाथों तक पहुंच सके।

अब क्यू.आर. कोड स्कैन होने पर मिल सकेगा राशन 
प्राप्त जानकारी के अनुसार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा ‘सुधार 2’ योजना के तहत सभी उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन नंबर उनके आधार कार्ड के साथ लिंक किया जा रहा हैं जिनका पूरा डाटा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा लाभ पात्र परिवारों को नए स्मार्ट राशन कार्ड जारी करने सहित क्यू.आर. कोड के साथ ऑप्रेट किया जाएगा। बताया जा रहा है कि राशन डिपुओं पर अपने हिस्से की गेहूं लेने के लिए पहुंचने वाले लाभ पात्र परिवारों के फिंगरप्रिंट की जगह अब क्यू.आर. कोड स्कैन होने पर ही उन्हें राशन का लाभ प्राप्त हो सकेगा और राशन डिपुओं पर आने वाली गेहूं की जानकारी लाभ पात्र परिवार के रजिस्टर्ड मोबाइल फोन नंबर पर मैसेज द्वारा सांझी की जाएगी। इसमें लाभ पात्र को यह बात आसानी से पता चल सकेगी कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ से जुड़े कार्ड धारक परिवार को कितने सदस्यों के हिस्से की कितने किलोग्राम गेहूं जारी की गई है।

गेहूं की कालाबाजारी का खेल जा रहा खेल
माना जा रहा है कि योजना की शुरूआती चरण में ही अधिकतर राशन डिपो होल्डरों द्वारा चलाई जा रही गेहूं की कालाबाजारी, मुनाफाखोरी और किए जा रहे झोल का सारा काला खेल थम सकता है जबकि इससे पहले अधिकतर डिपो होल्डर राशन कार्ड धारकों को अपने तरीके से गेहूं बांटते हैं जिसमें यह कहकर कार्ड धारकों के आंखों में धूल झोंकी जा रही है कि विभाग द्वारा राशन कार्ड में दर्द-सा सदस्यों की जगह केवल 5 सदस्यों के हिस्से की गेहूं की भेजी गई है जबकि अन्य 2 सदस्यों की ई-के.वाई.सी. नहीं होने के कारण उनके नाम राशन कार्ड से काट दिए गए हैं। इस प्रकार से डिपो होल्डरों द्वारा मनमर्जियां कर राशन कार्ड धारकों के हिस्से की गेहूं की कालाबाजारी का बड़ा खेल चलाया जा रहा है जिसे लेकर अक्सर राशन डिपो पर विवाद खड़े होते रहते हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर लखबीर सिंह संधू और सरताज सिंह चीमा ने साफ किया है कि गरीबों के हिस्से की गेहूं की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी उन्होंने कहा विभाग द्वारा प्रत्येक परिवार की ई-के.वाई.सी. का काम लगभग निपटा लिया गया है और अब सरकार की ‘सुधार 2' योजना के तहत लाभपात्र परिवारों के आधार कार्ड को उनके मोबाइल फोन नंबर के साथ रजिस्टर्ड कर सारा डाटा विभाग की पोर्टल में अपडेट किया जा रहा है।

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