Ludhiana में नहरी पानी प्रोजेक्ट की खोदाई बनी मुसीबत, मलबे पर गिरकर फैक्ट्री मजदूर घायल

Edited By Vatika,Updated: 15 Oct, 2026 10:00 AM

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जीवन नगर चौकी से 600 मीटर तक RCC सड़क तोड़कर बिछाई जा रही वाटर सप्लाई पाइपलाइन

लुधियाना (राज): महानगर में  नहरी पेयजल योजना (कैनाल वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट) के तहत चल रही सड़कों की अंधाधुंध खोदाई अब आम नागरिकों और कामगारों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। फोकल प्वाइंट फेज-5 में मंगलवार रात फैक्ट्री से ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहा एक मजदूर सड़क पर फैले मलबे को लांघने के दौरान बुरी तरह फिसलकर गिर पड़ा। हादसे में उसके सिर, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई राहगीर और दोपहिया वाहन चालक इस मलबे का शिकार होकर चोटिल हो चुके हैं। नगर निगम और ठेकेदार की घोर लापरवाही के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, फोकल प्वाइंट फेज-5 में जीवन नगर पुलिस चौकी से आगे करीब 600 मीटर के दायरे में नगर निगम द्वारा वाटर सप्लाई की मुख्य पाइपलाइन डालने का काम किया जा रहा है। इसके लिए पहले से बनी मजबूत कंक्रीट (RCC) की पक्की सड़क को भारी मशीनों से तोड़ दिया गया है। खोदाई से निकला भारी मलबा, कंक्रीट के बड़े-बड़े टुकड़े और मिट्टी सड़क के बीचों-बीच बिखरे पड़े हैं। निर्माण कार्य के चलते सड़क के दोनों तरफ से सामान्य आवागमन पूरी तरह ठप हो चुका है। कामगारों और स्थानीय निवासियों के पास जोखिम उठाकर नुकीले मलबे के ढेरों को लांघकर निकलने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है। मंगलवार देर रात जब फैक्ट्री मजदूर पंकज कुमार अपनी शिफ्ट खत्म कर पैदल ही घर लौट रहा था, तभी रास्ता बंद होने के कारण उसने मलबे के ऊपर से निकलकर सड़क पार करने का प्रयास किया। अंधेरा और ढीली मिट्टी होने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह कंक्रीट के नुकीले पत्थरों पर जा गिरा। हादसे में पंकज के सिर पर गहरा घाव हुआ है, जबकि उसके हाथ और दोनों पैर बुरी तरह छिल गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के राहगीरों ने उसे संभाला और नजदीकी क्लिनिक में ले जाकर प्राथमिक उपचार करवाया।


इलाके के लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस लापरवाही के खिलाफ दो-तीन दिन पहले स्थानीय दुकानदारों और मार्केट एसोसिएशन के लोगों ने निगम अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शनकारियों की सीधी मांग थी कि जहां-जहां मुख्य मोड़ और गलियां हैं, वहां आम जनता और श्रमिकों के निकलने के लिए समतल व सुरक्षित रास्ता छोड़ा जाए। प्रदर्शन के दबाव में निगम ने महज दो जगहों पर थोड़ा सा रास्ता बनाकर खानापूर्ति कर ली और अपना पल्ला झाड़ लिया। जिस हिस्से में वर्तमान में खोदाई चल रही है, वहां आज भी रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध पड़ा है, जिसका खमियाजा एक बार फिर एक निर्दोष मजदूर को भुगतना पड़ा। घटना पर कड़ा रोष जताते हुए इलाका निवासियों ने सीधे तौर पर नगर निगम प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि फोकल प्वाइंट औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण इस सड़क से सुबह और शाम के समय हजारों की तादाद में फैक्ट्री कर्मचारी पैदल व साइकिलों पर आते-जाते हैं। रास्ता बंद होने और बेतरतीब मलबा पड़ा रहने से हर रोज कामगारों को अपनी जान हथेली पर रखकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम कमिश्नर से पुरजोर मांग की है कि पाइपलाइन बिछाने का काम युद्धस्तर पर पूरा किया जाए और जब तक निर्माण कार्य चल रहा है, तब तक राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित रोशनी और सुगम वैकल्पिक रास्ता तैयार किया जाए।

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