Edited By Sunita sarangal,Updated: 12 Feb, 2026 06:24 PM

पुलिस लाइंस का माहौल उस वक्त पूरी तरह बदल गया जब बड़े अधिकारी मंच छोड़कर जनता के बीच बैठ गए।
लुधियाना(राज): महानगर को अपराध की दलदल से बाहर निकालने के लिए आज पुलिस लाइंस में एक ऐसा 'महासंगम' देखने को मिला, जिसने अपराधियों की नींद उड़ा दी है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस विशाल जन-सभा में शहर और गांवों की सुरक्षा कमेटियों के 1500 से अधिक जांबाज सदस्यों ने शिरकत की। यह बैठक महज एक सरकारी औपचारिकत्ता नहीं, बल्कि नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ लुधियाना पुलिस और आम जनता का सामूहिक 'शक्ति प्रदर्शन' बन गई।
कमिश्नर का दो टूक संदेश: "जनता की सूचना हमारा सबसे बड़ा हथियार"
अतिरिक्त कमिश्नर रूपिंदर सिंह और अन्य आला अफसरों की मौजूदगी में कमिश्नर स्वपन शर्मा ने 385 सुरक्षा कमेटियों के सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे 232 खूंखार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजकर भारी मात्रा में असला और नशा बरामद किया गया है। उन्होंने 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि जब जनता पुलिस के साथ खड़ी होती है, तो बड़े से बड़े नशा तस्कर की सप्लाई चेन रेत के महल की तरह ढह जाती है।
गली-मोहल्ले में सुरक्षा का अभेद्य किला: पुलिस की 'तीसरी आंख' बनीं कमेटियां
बैठक में VDC और WDC के सदस्यों को 'फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस' का दर्जा दिया गया। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि पुलिस की वर्दी हर जगह नहीं हो सकती, लेकिन इन कमेटियों के रूप में पुलिस की 'आंखें और कान' शहर के हर कोने में मौजूद रहेंगे। चर्चा के दौरान न केवल सुरक्षा के मुद्दों पर बात हुई, बल्कि शहर की जानलेवा ट्रैफिक समस्या और मोहल्लों में नाइट पेट्रोलिंग (रात की गश्त) को लेकर भी जनता से सीधी राय ली गई।
खाकी का बदला स्वरूप: जब अफसरों ने सुनी जनता की आपबीती
पुलिस लाइंस का माहौल उस वक्त पूरी तरह बदल गया जब बड़े अधिकारी मंच छोड़कर जनता के बीच बैठ गए। लोगों ने अपने इलाकों की समस्याओं, नशा बेचने वालों की संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़े सुझाव खुलकर साझा किए। कमिश्नर स्वपन शर्मा ने हर सुझाव पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा, "लुधियाना के लोगों का यह जज्बा साबित करता है कि हम अकेले नहीं हैं। हमारी असली ताकत ये समितियां हैं।"
मैदान-ए-जंग के लिए तैयार कमेटियां: अब अपराधियों की खैर नहीं
बैठक के अंत में एक सामूहिक शपथ ली गई कि लुधियाना का हर वार्ड और हर गांव अब अपराध के खिलाफ एक सुरक्षित किला होगा। पुलिस और पब्लिक के इस नए तालमेल ने साफ कर दिया है कि अब लुधियाना की सड़कों पर गुंडागर्दी और नशा तस्करी करने वालों का टिक पाना नामुमकिन होगा।
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