Edited By Subhash Kapoor,Updated: 30 Apr, 2026 08:08 PM

बिजली निगम की मैनेजमेंट को आखिरकार कर्मचारियों के तीखे संघर्ष के आगे झुकना पड़ा और बिना किसी कसूर के सस्पेंड किए गए 66 केवी सब-स्टेशन नूरवाल के इंचार्ज जेई बलबीर चंद को बहाल कर दिया गया।
लुधियाना ( गणेश/सचिन) : बिजली निगम की मैनेजमेंट को आखिरकार कर्मचारियों के तीखे संघर्ष के आगे झुकना पड़ा और बिना किसी कसूर के सस्पेंड किए गए 66 केवी सब-स्टेशन नूरवाल के इंचार्ज जेई बलबीर चंद को बहाल कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, जेई बलबीर चंद की सस्पेंशन के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने ज्वाइंट फोरम और बिजली एकता मंच के बैनर तले संघर्ष शुरू कर दिया था। कर्मचारियों ने पहले सिटी सेंटर डिवीजन में गेट रैली की और इसके बाद चीफ इंजीनियर पी एंड एम पंजाब पुनरदीप सिंह बराड़ के दफ्तर पहुंच गए। वहां कथित खराब व्यवहार से नाराज कर्मचारियों ने उनका घेराव कर लिया और मुख्य गेट पर ही धरना शुरू कर दिया।
यह धरना देर शाम करीब साढ़े सात बजे तक जारी रहा। इस दौरान एसीपी सरबजीत सिंह चीमा समेत बिजली निगम के अन्य उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और यूनियन नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद देर रात धरना अस्थायी रूप से खत्म कर दिया गया।
हालांकि, अगले दिन सुबह 9 बजे से ही बिजली एकता मंच के नेता रशपाल सिंह पाली और ज्वाइंट फोरम के नेता रघवीर सिंह की अगुवाई में कर्मचारियों ने फिर से धरना शुरू कर दिया। इस दौरान विभिन्न यूनियनों के नेताओं ने संबोधित करते हुए मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सस्पेंशन को अन्यायपूर्ण बताया।
धरने में पावरकॉम व ट्रांसको पेंशनर्स यूनियन एटक के राज्य उपप्रधान केवल सिंह बनवैत, सतीश भारद्वाज, सोभन सिंह ठाकुर, पीएसईबी इम्प्लाइज फेडरेशन एटक के राज्य सचिव गुरप्रीत सिंह महिदूदा, इम्प्लाइज फेडरेशन के नेता गगनदीप शर्मा, इंटक के राज्य प्रधान गुरदीप सिंह और स्वर्ण सिंह, ग्रिड यूनियन के प्रेस सचिव विक्की कुमार सहित कई अन्य यूनियन नेता और कर्मचारी शामिल हुए।
बढ़ते दबाव और कर्मचारियों के रोष को देखते हुए अधिकारियों को आखिरकार झुकना पड़ा। एक्सियन हरप्रीत सिंह संधू ने यूनियन नेताओं के साथ बातचीत कर मामले का हल निकाला।
यूनियन नेताओं ने बताया कि जेई बलबीर चंद को बिना किसी शर्त के बहाल कर दिया गया है और उनकी सहमति से अब उन्हें 66 केवी सिंगला साइकिल ग्रिड में तैनात किया जाएगा।
नेताओं ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी भी कर्मचारी के साथ इस तरह की कार्रवाई की गई तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इससे भी बड़ा संघर्ष किया जाएगा।
इस मौके पर कमलजीत सिंह एसडीओ, शिवराज सिंह एसडीओ, रतन चंद, आकाशदीप सिंह, दीपक कुमार, करतार सिंह, हृदय राम, अमरजीत सिंह, केवल सिंह, हरजीत सिंह, प्रिंस कुमार, हरजिंदर सिंह सरीन, परमपाल सिंह, राकेश कुमार, रमणदीप सिंह, गुरमीत सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।