घी बनाने वाली ग्यारह यूनिटों के लाइसेंस रद्द: पन्नू

Edited By Mohit,Updated: 09 Sep, 2019 07:30 PM

license of eleven units making ghee canceled pannu

पंजाब में फूड सेफ्टी की टीमों ने लाइसेंस के बिना घी बनाने वाली ग्यारह इकाइयों का पर्दाफाश करके उनके लाइसेंस रद्द किए हैं।

चंडीगढ़/अमृतसर (दलजीत): पंजाब में फूड सेफ्टी की टीमों ने लाइसेंस के बिना घी बनाने वाली ग्यारह इकाइयों का पर्दाफाश करके उनके लाइसेंस रद्द किए हैं। यह जानकारी फूड और ड्रग प्रबंधन कमिश्नर के.एस. पन्नू ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि घी बनाने वाली फर्मों को राज्य सरकार से एक लाइसेंस लेना अपेक्षित होता है। भोजन पकाने वाले घी में वनस्पति तेलों और दूध की फैट को मिलाया जाता है, उसके लिए केंद्रीय एजेंसी से लाइसेंस लेना जरूरी होता है। 

उन्होंने बताया कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा लाइसेंस तब दिए जाते हैं जब मिलाए गए तत्वों की मात्रा जरुरी मापदंडों के मुताबिक पाई जाए। घटिया दर्जे का कुकिंग मीडियम बनाने वाले उत्पादक न केवल नियमों का उल्लंघन करते हैं बल्कि देसी घी उत्पादन के नाम पर ऐसा घटिया दर्जे का कुकिंग मीडियम बना कर लोगों और फूड सेफ्टी की टीमों को गुमराह करते हैं। पन्नू ने बताया कि इन फर्मों के पास घी के उत्पादन का लाइसेंस था लेकिन यह कुकिंग मीडियम का उत्पादन करते हुए पाए गए इसलिए इन फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उक्त फर्मों की ओर से संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण इनके लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं जिससे ये फर्में अपने लाइसेंसों का दुरुपयोग न कर सकें। 

जिन फर्मों के लाइसेंस रद्द हुए हैं उनमें से बडिंठा जिले की आठ फर्में जैसे न्यू एस.के. एग्रो इंडस्ट्री, अशोका एग्रो, अनमोल फूड रामपुरा फूल, श्री बालाजी ट्रेडिंग, बी.एस एग्रो, गोयल सन्नज, ए.आर एग्रो इंडस्ट्री और मैरी एग्रो और जि़ला मानसा से गणेश एग्रो फूड्ज और श्री कृष्णा फूड्ज और बरनाला की जुगल किशोर एंड कंपनी शामिल हैं।

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