Edited By Kalash,Updated: 15 Aug, 2026 05:40 PM

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दलजीत कौर की अदालत ने सभी 16 आरोपियों की नियमित जमानत याचिकाएं मंजूर करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
फरीदकोट (राजन): फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और हाईटेक नकल के मामले में गिरफ्तार किए गए सूरज कुमार, कुलवंत सिंह, गुरपिंदर सिंह, कुलदीप सिंह, गगनदीप सिंह, जसकरण सिंह, रिंकू, जसवीर सिंह, अक्षदीप सिंह, अमनदीप शर्मा, सतनाम सिंह, गौरव चौहान, मनप्रीत सिंह, लवप्रीत सिंह, कुलविंदर सिंह और गुरशवाक सिंह को फरीदकोट अदालत से बड़ी राहत मिली है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दलजीत कौर की अदालत ने सभी 16 आरोपियों की नियमित जमानत याचिकाएं मंजूर करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 20 हजार रुपए के निजी मुचलके तथा इतनी ही राशि का एक जमानती पेश करने पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि आगामी जांच के लिए आरोपियों को लगातार हिरासत में रखना जरूरी है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपों की गंभीरता को मात्र आधार बनाकर किसी आरोपी की जमानत याचिका खारिज नहीं की जा सकती।
यह मामला 19 जुलाई 2026 को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की ओर से आयोजित फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा से जुड़ा हुआ है। परीक्षा के दौरान विभिन्न केंद्रों पर कुछ उम्मीदवारों द्वारा ब्लूटूथ रिसीवर और बेहद छोटे ईयरपीस जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए कथित तौर पर नकल करने के मामले सामने आए थे। इसके बाद 20 जुलाई को साइबर क्राइम थाना फरीदकोट में भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धाराओं 318(4), 61(2), 112 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि कई आरोपियों के नाम मूल एफआईआर में दर्ज नहीं थे और बाद में उन्हें मामले में नामजद किया गया। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि कुछ आरोपियों की व्यक्तिगत तलाशी के दौरान उनके पास से कोई इलैक्ट्रॉनिक उपकरण अथवा अन्य आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई। इसके अलावा कुछ आरोपियों के रोल नंबर तक एफ.आई.आर. में दर्ज नहीं होने का भी अदालत के समक्ष हवाला दिया गया।
वहीं, सरकारी वकील सतनाम सिंह गिल ने जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा कि मामला सरकारी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली से जुड़ा है और इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने दलील दी कि मामले की जांच अभी जारी है और हाईटेक नकल से जुड़े इस पूरे मामले की जांच के लिए आरोपियों की हिरासत जरूरी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी 16 आरोपियों को नियमित जमानत दे दी। बचाव पक्ष के वकील एडवोकेट मनदीप चानना ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर आरोपियों की रिहाई होगी। मामले की पुलिस जांच अभी जारी है।
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