बरनाला में प्रशासन की नाक तले हवाला कारोबार! बिना डॉक्युमेंट्स लाखों रुपए Transfer

Edited By Vatika,Updated: 26 Oct, 2026 09:28 AM

hawala racket allegedly operating in barnala under administration s nose

​शहर के मुख्य बाजार से दुनिया के कोने-कोने में पहुंच रही अवैध करेंसी: बिना डॉक्युमेंट्स लाखों रुपये ट्रांसफर, 'नोट के नंबर' का अनोखा कोड

​बरनाला(विवेक सिंधवानी, रवि): मालवा के दिल कहे जाने वाले बरनाला शहर में इन दिनों कानून व्यवस्था और वित्तीय सुरक्षा की धज्जियां उड़ाते हुए 'हवाला कारोबार' का अवैध तंत्र पूरी रफ्तार से चल रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि यह सब किसी सुनसान गली या गुप्त स्थान पर नहीं, बल्कि शहर के अति व्यस्त और मुख्य बाजार में सरेआम घटित हो रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां वाकई बेखबर हैं या फिर किसी अज्ञात 'मजबूरी' के तहत इस पूरे घटनाक्रम पर रहस्यमयी चुप्पी साध कर आँखें मूंद बैठी हैं?

​लंदन हो या कनाडा, कुछ घंटों में पहुँच रहे लाखों रुपये
​सूत्रों से मिली जानकारी और धरातली पड़ताल के अनुसार, शहर के मुख्य बाजार में गद्दी जमाकर बैठा एक शातिर व्यापारी भारत से बाहर दुनिया के किसी भी मुल्क में गैर-कानूनी तरीके से पैसे भेजने का खुला नेटवर्क चला रहा है। ग्राहक को बस इस ठिकाने पर भारतीय करेंसी (नकदी) सौंपनी होती है। इसके बदले भारी-भरकम 'कमीशन' और अतिरिक्त चार्ज वसूल कर कुछ ही घंटों के भीतर दुनिया के किसी भी कोने में वांछित व्यक्ति तक लाखों रुपये पहुँचा दिए जाते हैं।
​इस अवैध धंधे में न तो किसी बैंक खाते की जरूरत होती है और न ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों का कोई खौफ।

​'करेंसी नोट का नंबर' ही है सीक्रेट कोड (गुप्त कोड)
 ​हवाला कारोबार का यह तरीका जितना पुराना है, उतना ही चौकन्ना भी। जब हमारी विशेष टीम ने ग्राहक बनकर उक्त व्यापारी से संपर्क साधा और लंदन में बड़ी रकम भेजने की बात कही, तो इस पूरे खेल की संदिग्ध कार्यप्रणाली  की कलई खुल गई।
​स्टेप 1: व्यापारी ने सबसे पहले उस देश (यूके) में मौजूद पाउंड  के किसी भी नोट की फोटो मंगवाने को कहा।
​स्टेप 2: विदेश में बैठा प्राप्तकर्ता उस नोट की फोटो खींचकर यहाँ भेजता है।
​स्टेप 3: उस नोट का विशिष्ट सीरियल नंबर ही हवाला का 'मास्टर कोड' बनता है।
​स्टेप 4: विदेश में बैठा हवाला एजेंट केवल उसी नोट का नंबर मिलाने के बाद सामने वाले व्यक्ति को भारतीय रुपये के बदले पाउंड की डिलीवरी देता है।
 ​बिना किसी कागजी कार्रवाई, वैध पहचान पत्र या बैंकिंग ट्रेल के चल रहा यह धंधा सीधे तौर पर देश की आंतरिक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को सीधी चुनौती दे रहा है।

​शहर में और भी कई 'खिलाड़ी', चर्चाओं का बाजार गर्म
आम चर्चा है कि यह सिर्फ एक व्यापारी तक सीमित मामला नहीं है। बरनाला के व्यापारिक हलकों में इस बात की जोरों से चर्चा है कि इस काले कारोबार के तार शहर के कुछ अन्य रसूखदार चेहरे से भी जुड़े हो सकते हैं। लाखों रुपये का लेनदेन रोजाना बिना किसी रिकॉर्ड के हो रहा है, जिससे न केवल आयकर विभाग को करोड़ों का चूना लग रहा है, बल्कि विदेशों में अवैध रूप से धन भेजने (मनी लॉन्ड्रिंग) की प्रक्रिया को बढ़ावा मिल रहा है।

​बड़ा सवाल: क्या बरनाला पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस बड़े गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे या फिर यह 'हवाला किंग' इसी तरह कानून की आंखों में धूल झोंकता रहेगा?
 

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