Edited By Urmila,Updated: 30 May, 2026 04:25 PM
पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने आज पंजाब लोक भवन, चंडीगढ़ में पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा के मेधावी विद्यार्थियों को आईएससी, आईसीएसई तथा सीएआईई परीक्षाओं में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया।
चंडीगढ़ : पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने आज पंजाब लोक भवन, चंडीगढ़ में पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा के मेधावी विद्यार्थियों को आईएससी, आईसीएसई तथा सीएआईई परीक्षाओं में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर लगभग 53 विद्यार्थियों को बैच टॉपर, स्ट्रीम टॉपर, सीएआईई टॉपर तथा उच्च उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों सहित विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
पंजाब के राज्यपाल, जो विद्यालय बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं, ने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता कठोर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों के निरंतर प्रयासों और अभिभावकों के सहयोग की भी सराहना की।
सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यालय के बुनियादी ढांचे के उन्नयन और कायाकल्प की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यालय के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये की अनुदान राशि की घोषणा की तथा विद्यालय के व्यापक कायाकल्प के लिए विभिन्न स्रोतों से अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। प्रधानाचार्य के अनुरोध पर उन्होंने पिकलबॉल खेल अवसंरचना के विकास हेतु 10 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।

विद्यालय के शैक्षणिक प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए श्री कटारिया ने कहा कि आईएससी परीक्षा में सम्मिलित हुए सभी 99 विद्यार्थियों ने विशिष्ट श्रेणी (डिस्टिंक्शन) के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की तथा बैच का औसत परिणाम 91 प्रतिशत रहा। लगभग 60 प्रतिशत विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि 34 विद्यार्थियों ने रसायन विज्ञान, राजनीति विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, पंजाबी तथा शारीरिक शिक्षा जैसे विषयों में पूर्ण अंक हासिल किए।
आईसीएसई परीक्षा में 103 में से 68 विद्यार्थियों ने विशिष्ट श्रेणी में सफलता प्राप्त की तथा बैच का औसत परिणाम 80.3 प्रतिशत रहा। वहीं 22 विद्यार्थियों ने पंजाबी, जीव विज्ञान, कंप्यूटर एप्लीकेशंस तथा भूगोल जैसे विषयों में पूर्ण अंक प्राप्त किए।

श्री कटारिया ने खेल एवं सह-पाठयक्रम गतिविधियों में पीपीएस नाभा की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि विद्यालय की अंडर-14 और अंडर-19 हॉकी टीमों ने ऑल इंडिया आईपीएससी हॉकी चैंपियनशिप जीती, जबकि अश्वारोहण टीम ने दिल्ली हॉर्स शो में 27 स्वर्ण पदकों सहित कुल 77 पदक जीतकर ऑल इंडिया आईपीएससी इक्वेस्ट्रियन चैंपियनशिप में भी विजय प्राप्त की।
उन्होंने विद्यालय की बैंड टीम की उपलब्धियों की भी प्रशंसा की और बताया कि पीपीएस के विद्यार्थियों ने आईपीएससी और सीआईएससीई प्रतियोगिताओं में 350 से अधिक पदक जीते हैं तथा 50 से अधिक विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में विद्यालय का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

राज्यपाल ने मेधावी विद्यार्थियों के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा की, जिसमें टॉपर्स तथा 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। उन्होंने हॉकी खिलाड़ियों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की तथा अश्वारोहण गतिविधियों को भी समर्थन देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हैं और विद्यार्थियों को उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं।
राज्यपाल ने यह भी बताया कि इस वर्ष विद्यालय ने राष्ट्रीय रैंकिंग में चौथा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने विद्यालय की पुरानी गौरवशाली पहचान को पुनः स्थापित करने तथा उसे शिक्षा के क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ संस्थान बनाने के साथ-साथ रक्षा सेवाओं के लिए अधिकारी तैयार करने में भी अग्रणी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री कटारिया ने कहा कि युवा राष्ट्र का भविष्य हैं और वे “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण, नवाचार तथा सामाजिक कल्याण के लिए अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और इस सामाजिक बुराई को समाज से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
पीपीएस नाभा के प्रधानाचार्य डॉ. डी.सी. शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पंजाब लोक भवन में आमंत्रित कर सम्मानित करने तथा विद्यालय के बुनियादी ढांचे और खेल सुविधाओं के विकास के लिए उदार वित्तीय सहायता प्रदान करने से विद्यार्थियों को नई प्रेरणा मिली है।
इस अवसर पर पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव एवं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स कार्यकारणी के अध्यक्ष श्री जय सिंह गिल, डॉ. सुमेर सिंह (सदस्य), श्रीमती सुखविंदर कौर, पीसीएस (सदस्य) तथा विद्यालय के शिक्षक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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