सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी, शुरू होने जा रही नई योजना

Edited By Kalash,Updated: 26 Oct, 2026 04:50 PM

government school students

चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सेहत और पोषण को और बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल करने की तैयारी की जा रही है।

चंडीगढ़ (शीना): चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सेहत और पोषण को और बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत विद्यार्थियों को दोपहर के खाने में पौष्टिक खाने के साथ मौसमी फल भी दिए जाएंगे। प्रशासन की योजना है कि इस साल के आखिर तक विद्यार्थियों को ताजे फल देने की सुविधा शुरू कर दी जाए। चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पिछले साल प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को दोपहर के खाने के साथ दूध देने की शुरूआत की गई थी। 

अब इस योजना को आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों की डाइट में मौसमी फल शामिल करने की तैयारी की जा रही है। इससे बच्चों को जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे और उनकी सेहत को सुधाकने में मदद मिलेगी। स्कूल शिक्षा विभाग के डायरेक्टर नीतीश सिंगला के अनुसार प्रशासन का मकसद विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन की न्यूट्रिशन वैल्यू को बढ़ाना है। इस समय सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दोपहर के खाने में चावल, गेहूं, दालें और सब्जियां जैसी खाने की चीजें दी जाती हैं। दूध की सुविधा शुरू होने के बाद अब ताजे मौसमी फल के भी इस डाइट का हिस्सा बनाने की योजना है और इसे साल खत्म होने से पहले जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।

119 सरकारी स्कूलों को मिलेगा लाभ 

यह योजना चंडीगढ़ के 119 सरकारी स्कूलों को कवर करती है। इन स्कूलों में खाना तैयार करने और विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए 15 स्कूल आधारित क्लस्टर रसोइयां चल रही हैं। इनके जरिए बच्चों को ताजा और पौष्टिक खाना मुहैया करवाया जाता है। सेक्टर-29 के सरकारी मॉडल हाई स्कूल में स्थित केंद्रिय रसोई से अन्य स्कूलों के लिए भी खाना तैयार किया जाता है। स्कूल और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि इस प्रबंध की निगरानी करते है जबकि स्कूलों में खाना बांटने की जिम्मेदारी संबंधित स्टाफ की होती है।

मेन्यू में दालें, सब्जियां और पौष्टिक खाना शामिल

स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील में दलिया, खिचड़ी, दाल-चावल, सोया नगेट्स, मौसमी सब्जियां, मटर, राजमाह, सांभर, कड़ी, काले चने और मूंग दाल जैसे पकवान शामिल हैं। विद्यार्थियों को तय न्यूट्रिशन स्टैंडर्ड के हिसाब से बैलेंस्ड डाइट देने का इंतजाम किया गया है। खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले अनाज को स्टोर करने से पहले टेस्ट किया जाता है। इसके अलावा खाने की क्वालिटी और हाइजीन पक्का करने के लिए इंस्पेक्शन, किचन स्टाफ की ट्रेनिंग और हेल्थ चेक-अप जैसे कदम भी उठाए जाते हैं। इस स्कीम में मौसमी फल शामिल करने से स्टूडेंट्स को स्कूल में ही एक्स्ट्रा न्यूट्रिशन मिल सकेगा। इस पहल से बच्चों की डाइट में अलग-अलग तरह की चीजें लाने और उन्हें हेल्दी खाने की आदतों के लिए मोटिवेट करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!