कैदी से प्यार पड़ा भारी, पंजाबी मूल की जेल गार्ड को 2 साल की हाउस अरेस्ट सजा

Edited By Vatika,Updated: 26 Jun, 2026 12:47 PM

falling in love with a prisoner proves costly

कनाडा में पंजाबी मूल की एक महिला जेल गार्ड को कैदी के साथ रिश्ते और उसकी मदद करने के मामले में अदालत ने

कनाडा: कनाडा में पंजाबी मूल की एक महिला जेल गार्ड को कैदी के साथ रिश्ते और उसकी मदद करने के मामले में अदालत ने 2 साल की सशर्त (कंडीशनल) सजा सुनाई है। सजा के तहत उसे कुछ समय तक घर में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) रहना होगा और सामुदायिक सेवा भी करनी होगी।

जानकारी के अनुसार, 31 वर्षीय रमनदीप ने साल 2021 में नॉर्थ फ्रेजर प्रीट्रायल सेंटर में करेक्शनल ऑफिसर (जेल गार्ड) के रूप में नौकरी शुरू की थी। इसी दौरान उसकी एक कैदी से नजदीकियां बढ़ गईं। जांच में सामने आया कि दोनों कई महीनों तक जेल के आधिकारिक फोन सिस्टम और कैदी के पास मौजूद अवैध मोबाइल फोन के जरिए संपर्क में रहे। आरोप है कि रमनदीप को कैदी के पास अवैध मोबाइल होने की जानकारी थी, लेकिन उसने इसकी सूचना अधिकारियों को नहीं दी। इतना ही नहीं, वह जांच या चेकिंग से पहले कैदी को सतर्क भी कर देती थी, ताकि मोबाइल छिपाया जा सके।

मामले की जांच के बाद पुलिस ने रमनदीप के खिलाफ सार्वजनिक अधिकारी द्वारा विश्वासघात (Breach of Trust) का मामला दर्ज किया। अदालत में उसने मोबाइल छिपाने में मदद करने का आरोप स्वीकार कर लिया, जबकि अनुचित रिश्ते से जुड़ा आरोप बाद में हटा दिया गया। 24 जून 2026 को अदालत ने रमनदीप को 2 साल की कंडीशनल सजा सुनाई। इस दौरान उसे हाउस अरेस्ट और कम्युनिटी सर्विस करनी होगी। हालांकि उसे जेल नहीं भेजा गया, लेकिन उसके खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि एक जेल अधिकारी का इस तरह का व्यवहार सार्वजनिक विश्वास को नुकसान पहुंचाता है और इससे अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!