मोदी कैबिनेट विस्तार में पंजाब की एंट्री? राघव चड्ढा समेत 4 नाम चर्चा में

Edited By Kamini,Updated: 07 Oct, 2026 10:57 AM

entry of punjab leaders in modi cabinet expansion

केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।

पंजाब डेस्क: केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मोदी कैबिनेट में पंजाब के 3 नेताओं के शामिल होने की   खबर सामने आ रही है। दरअसल, रवनीत सिंह बिट्टू के मोदी सरकार से बाहर होने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में पंजाब का प्रतिनिधित्व फिलहाल खत्म हो गया है। वहीं, हरदीप सिंह पुरी और बी.एल. वर्मा को किसी भी राज्य से राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद उनके भी मंत्रिमंडल से बाहर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा हाईकमान राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। माना जा रहा है कि इसी रणनीति के तहत पंजाब से नए चेहरों को केंद्र सरकार में जगह दी जा सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा पंजाब से एक नहीं, बल्कि 2 नेताओं को मोदी कैबिनेट में शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। संभावित नामों में सबसे आगे आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम बताया जा रहा है। इसके अलावा पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, पद्मश्री से सम्मानित कारोबारी एवं राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी और मनोनीत राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि, अंतिम फैसला भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।

PunjabKesari

राघव चड्ढा

राघव चड्ढा एक पढ़े-लिखे, प्रोफेशनल युवा नेता की है, जिससे BJP को पंजाब के शहरी और शिक्षित युवाओं के बीच पैठ बनाने में मदद मिलेगी। मौजूदा समय में पंजाब से भाजपा के राज्यसभा सांसद है और 2028 तक उनका कार्यकाल है। वह दिल्ली के पूर्व विधायक और आम आदमी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता रह चुके हैं। उनका नाम इसलिए भी सामने आ रहा है कि, क्योंकि उन्हें मंत्री बनाकर भाजपा दिल्ली और पंजाब दोनों राज्यों को साध सकती है। इसके साथ ही आपको बता दें कि, राघव चड्ढा 2022 में राज्यसभा पहुंचे। ऐसे में वह पहले राज्यसभा सांसद है तो उन्हें मंत्री बनाने में कोई संवैधानिक तकनीकी अड़चन नहीं आएगी। वहीं राघव चड्ढा  2027 में पंजाब के विधानसभा चुनावों में प्रमुख चेहरा भी हो सकते हैं, जिस के संकेत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पंजाब दौरे के दौरान दे चुके हैं। 

PunjabKesari

सुनील जाखड़

सुनील जाखड़ को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने की चर्चा है। भाजपा उन्हें 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कर राजनीतिक रूप से अहम जिम्मेदारी दे सकती है। बता दें कि, जाखड़ 3 बार विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा वह पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, गुरदासपुर से सांसद और पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। पंजाब में हिंदू वोट बैंक को साधने के लिहाज से जाखड़ को भाजपा का अनुभवी चेहरा माना जाता है। गृह मंत्री अमित शाह के जालंधर दौरे के दौरान जाखड़ की बंद कमरे में हुई मुलाकात के बाद उनके केंद्रीय मंत्री बनने की चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है।

कांग्रेस से भाजपा में आए जाखड़ को पंजाब के राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों की गहरी समझ है। पार्टी को उम्मीद है कि उनकी यह राजनीतिक पकड़ 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, जाखड़ के केंद्रीय मंत्री बनने के रास्ते में एक संवैधानिक पेच भी है। वर्तमान में वह संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में यदि उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया जाता है तो उन्हें 6 महीने के भीतर संसद के किसी एक सदन की सदस्यता हासिल करनी होगी।

PunjabKesari

विक्रमजीत सिंह साहनी

राघव चड्ढा और सुनील जाखड़ के साथ-साथ विक्रमजीत सिंह साहनी की भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा है। वह मौजूदा समय में भाजपा के राज्यसभा सांसद है और उनका कार्यकाल 2028 तक है। विक्रमजीत सिंह साहनी प्रमुख उद्योगपति, सन फाउंडेशन के चेयरमैन, पद्मश्री से सम्मानित और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह अप्रैल 2026 में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। अंतरराष्ट्रीय सिख समुदाय, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न चैरिटेबल संस्थाओं में उनकी सक्रियता को देखते हुए भाजपा उन्हें सिख चेहरे के तौर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह देने पर विचार कर सकती है। साहनी लगातार पंजाब से जुड़े आर्थिक और औद्योगिक मुद्दों के साथ-साथ प्रवासी पंजाबियों से संबंधित विषयों को उठाते रहे हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर यह माना जा रहा है कि उनकी भूमिका पंजाब के आर्थिक हितों और प्रवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों को केंद्र तक पहुंचाने में अहम हो सकती है।

PunjabKesari

सतनाम सिंह संधू

सतनाम सिंह संधू चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के संस्थापक और इंडियन माइनॉरिटी फाउंडेशन के प्रमुख हैं। वह राज्यसभा सांसद है और उनका कार्यकाल 2030 तक है। जानकारी के मुताबिक, सतनाम सिंह ने मार्च 2026  में अमित शाह को पंजाब के किसानों, उद्योग, बाढ़ और नशे से जुड़े 17 प्रमुख मुद्दों पर अमित शाह को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। उन्होंने पूरे पंजाब में सक्रिय है और लोगों की समस्याओं को केंद्र सरकार तक पहुंचा कर उनका समाधान करवा रहे हैं। राज्यसभा में 92% उपस्थिति के साथ उन्होंने 115 बहसों में हिस्सा लिया और 225 सवाल पूछे। उनके संसदीय प्रदर्शन से उनकी सक्रियता और विभिन्न मुद्दों पर पकड़ का पता चलता है। 

केंद्रीय मंत्रिमंडल में इन मंत्रियों की जगह खाली

  • रवनीत बिट्टू ने 24 जुलाई को इस्तीफा दिया।
  • धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को इस्तीफा दिया।
  • जॉर्ज कुरियन ने 23 जून को इस्तीफा दिया।
  • हरदीप सिंह पुरी का नवंबर में कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
  • बीएल वर्मा का भी नवंबर में कार्यकाल समाप्त हो रहा है। 

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!