बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ जिला बाल विकास विभाग की कार्रवाई, 2 बच्चों को किया रैस्क्यू

Edited By Urmila,Updated: 20 Jan, 2026 05:40 PM

district child development department takes action against child begging

डायरैक्टर महिला एवं बाल विकास विभाग पंजाब से मिले निर्देशों के अनुसार, डिप्टी कमिश्नर अंकुरजीत सिंह से मिले निर्देशों के अनुसार, बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ प्रोजैक्ट जीवन ज्योति 2.0 को सख्ती से लागू करते हुए।

नवांशहर (त्रिपाठी,ब्रह्मपुरी): डायरैक्टर महिला एवं बाल विकास विभाग पंजाब से मिले निर्देशों के अनुसार, डिप्टी कमिश्नर अंकुरजीत सिंह से मिले निर्देशों के अनुसार, बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ प्रोजैक्ट जीवन ज्योति 2.0 को सख्ती से लागू करते हुए, आज, जिला प्रोग्राम ऑफिसर जगरूप सिंह के नेतृत्व में, जिला बाल संरक्षण अधिकारी कंचन अरोड़ा ने उप-मंडल कमेटी के साथ मिलकर जिला नवांशहर के ब्लॉक बलाचौर में बस स्टैंड रोड, भद्दी रोड, मंडियानी मोड़, बुल्लेवाल मोड़, दाना मंडी और सब्जी मंडी के साथ-साथ कंगना पुल पर बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ चैकिंग की गई।

इस मौके पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी कंचन अरोड़ा ने बताया कि आज बलाचौर में, जांच टीम ने 2 बच्चों (लगभग 6 साल का एक लड़का और लगभग 14 साल की एक लड़की) को रैस्क्यू किया गया, जो अपनी मां के साथ भीख मांगते और गुब्बारे बेचते पाए गए। बच्चों को उनकी मां समेत ही रैस्क्यू किया गया तथा रेस्क्यू करके उन्हें बाल कल्याण कमेटी के सामने पेश किया गया। बच्चों के किसी भी किस्म के दस्तावेज न मिलने पर बच्चों को फिलहाल सुरक्षित आश्रय दिया गया है और सामाजिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इस मौके पर जिला बाल संरक्षण इकाई टीम ने आम जनता को बताया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों से भीख नहीं मंगवानी चाहिए तथा ना ही मजदूरी करवाएं। अगर कोई बच्चा भीख मांगता हुआ पाया जाता है, तो बाल संरक्षण इकाई को चाइल्ड हैल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचित किया जाना चाहिए ताकि उन्हें उनकी उम्र के अनुसार स्कूल में दाखिला दिलाया जा सके और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा सके।

इस मौके पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी कंचन अरोड़ा ने दुकानदारों और आम जनता को जागरूक किया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों से भीख मंगवाना और काम करवाना कानूनन अपराध है। बाल भिक्षावृत्ति को जड़ से खत्म करने के लिए, बच्चों और उनके माता-पिता की काऊंसलिंग की जानी चाहिए ताकि बच्चों से भीख मंगवाने के बजाय, बच्चों के माता-पिता उन्हें शिक्षा से जोड़ने और उनके लिए एक उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए स्कूल भेजें।

कंचन अरोड़ा ने कहा कि जुवेनाइल न्याय अधिनियम के तहत बच्चों से भीख मंगवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, गौरव शर्मा सी.पी.ओ. ने अपील की कि बच्चों से जुड़ी कोई भी जानकारी डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट, कमरा नंबर 416, तीसरी मंजिल, डी.सी. ऑफिस या चाइल्ड हैल्पलाइन नंबर 1098 पर दी जाए।

चैकिंग टीम में डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर कंचन अरोड़ा, गौरव शर्मा (सी.पी.ओ.), संतोष डी.ई.ओ., सी.डी.पी.ओ. ऑफिस से नीलम कुमारी सुपरवाइजर, शिक्षा विभाग से प्रिंस कुमार ई.टी.टी. टीचर, स्वास्थ्य विभाग से सतीश कुमार, पुलिस विभाग से करमजीत कौर शामिल थे।

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