Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Oct, 2026 05:35 PM

पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सूबे में बिगड़ी कानून व्यवस्था के लिए आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते हुए हर फ्रंट पर नाकाम बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में हर कोई डर के साए में जी रहा है और सूबे में जंगल राज जैसे हालात बन चुके...
चंडीगढ़ : पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सूबे में बिगड़ी कानून व्यवस्था के लिए आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते हुए हर फ्रंट पर नाकाम बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में हर कोई डर के साए में जी रहा है और सूबे में जंगल राज जैसे हालात बन चुके हैं। ढिल्लों ने कहा कि सिर्फ एक दिन में पांच जगहों पर गोलीबारी की घटनाएं हुईं।
मोगा में घर के बाहर खड़े नौजवानों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं, जिसमें दो नौजवानों की मौत हो गई। बटाला में शर्मा कार शृंगार दुकान के मालिक से फिरौती मांगी गई और दिन-दहाड़े गोलियां चलाई गईं। अमृतसर जिले के मेहता चौक में एक जिम के बाहर फायरिंग हुई।
फगवाड़ा में एक प्रॉपर्टी डीलर के घर के बाहर गोलियां चलाकर बाद में फिरौती मांगी गई। अमृतसर में गुरुद्वारा साहिब माथा टेकने जा रहे आम आदमी पार्टी के सरपंच और उनके बेटे की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसी वारदातें पंजाब में रोज हो रही हैं। अकेले अक्टूबर महीने में अब तक 18 कत्ल हो चुके हैं। व्यापारी फिरौतियों के शिकार हैं, नौजवान सरेआम मारे जा रहे हैं और सत्ताधारी पार्टी के अपने सरपंच भी सुरक्षित नहीं।
पुलिस भी महफूज नहीं
ढिल्लों ने कहा कि छह पुलिस मुलाजिमों की जान जा चुकी है और थानों पर हमले हो रहे हैं। जब कानून के रखवाले ही सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक किसके भरोसे रहे? ढिल्लों ने सवाल किया, ‘इस सब की जिम्मेदारी कौन लेगा, मुख्यमंत्री भगवंत मान या सुपर सीएम अरविंद केजरीवाल?’ उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह झोटा के कत्ल के दिन से केजरीवाल पंजाब से गायब हैं, जबकि सभी फैसले वही ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि साढ़े चार सालों में आम आदमी पार्टी सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हुई है। पंजाब को झूठे बयानों और इश्तिहारबाजी की नहीं, जवाबदेही की जरूरत है। भाजपा प्रधान ने मांग की कि सरकार इन घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करे और इस्तीफा दे। ढिल्लों ने कहा कि अब समय आ गया है इस सरकार से छुटकारा पाने का। पंजाब के लोग इस नाकाम सरकार को और बर्दाश्त नहीं करेंगे।
