Toll Plaza फ्री होने के बावजूद टोल सिस्टम ने काटे पैसे — वाहन चालक हुए नाराज

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 28 Feb, 2026 07:24 PM

despite the toll plaza being free the toll deducted money

नेशनल हाईवे पर स्थित देश के सबसे महंगे लाडोवाल टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन सिद्धपुर के सदस्यों द्वारा बेअदबी का कानून सख्त बनाने के विरोध में पंजाब सरकार के खिलाफ धरना लगाकर रोष प्रदर्शन किया गया था, जिसके चलते किसान संगठनों द्वारा 12 बजे से...

लुधियाना  (अनिल) : नेशनल हाईवे पर स्थित देश के सबसे महंगे लाडोवाल टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन सिद्धपुर के सदस्यों द्वारा बेअदबी का कानून सख्त बनाने के विरोध में पंजाब सरकार के खिलाफ धरना लगाकर रोष प्रदर्शन किया गया था, जिसके चलते किसान संगठनों द्वारा 12 बजे से लेकर 4 बजे तक लाडोवाल टोल प्लाजा पर धरना लगाकर टोल फ्री कर दिया गया, जिसके बाद टोल प्लाजा पर किसी भी कर्मचारी को वाहन चालकों से टोल फीस वसूल नहीं करने दी गई और किसान संगठनों द्वारा 4 घंटे तक पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर रोश प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की गई। टोल प्लाजा पर वाहन चालक बिना टोल दिए निकलते रहे और वाहन चालको के मन में यह ख्याल था कि आज टोल पीस दिए बिना ही उनके वहां टोल से निकल रहे हैं, परंतु यह वाहन चालकों की सबसे बड़ी गलतफहमी थी कि टोल प्लाजा पर उनके वाहनों को बिना टोल से निकाला जा रहा है। टोल प्लाजा पर लगे कैमरो और नंबर प्लेट को स्कैन करने वाले सिस्टम द्वारा वाहन चालकों से टोल फीस वसूल की जा रही थी और टोल प्लाजा पर निकलने वाले वाहनों को इस बारे में कोई भी अंदाजा नहीं था क्योंकि टोल प्लाजा के सिस्टम द्वारा जिस वक्त टोल से वाहनो को निकाला जा रहा था, उस समय टोल फीस के अकाउंट से पैसे कटने का मैसेज वाहन चालकों को नहीं भेजा जा रहा था जिसके कारण टोल प्लाजा से निकलने वाले वाहनों को इस बारे में गुमराह किया जा रहा था कि आज टोल फीस वसूल नहीं की जा रही है। 

धरना खत्म होने के 4 घंटे बाद रात 8 बजे के बाद अचानक से टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों के अकाउंट से टोल फीस कटने के मैसेज एकदम से लोगों को आने शुरू हो गए जिसके चलते वाहन चालकों में भारी रोष देखने को मिला। कई लोगों ने बताया कि किसान संगठनों द्वारा टोल पर धरना लगाते समय यह ऐलान किया गया था कि प्रदर्शन के दौरान टोल को पूर्ण तौर पर फ्री किया जाएगा और किसी भी वाहन चालक से टोल फीस वसूल नहीं करने दी जाएगी, परंतु टोल प्लाजा के कर्मचारियों की मिली भुगत के चलते धरना लगाने के बावजूद भी वाहन चालकों को टोल फीस देनी पड़ी जिसके चलते लोगों में भारी निराशा देखने को मिली। 

कई लोगों ने बताया कि अगर टोल प्लाजा पर निकलने वाले वाहन चालकों से टोल फीस वसूल ही करनी थी तो टोल प्लाजा द्वारा टोल फ्री करने का नाटक क्यों किया गया और 4 घंटे तक किसान यूनियन के प्रदर्शन के दौरान टोल प्लाजा पर करीब 20 लाख रुपए के घाटे होने का नाटक क्यों किया गया। लोगों द्वारा किसान यूनियन को इस बारे में ध्यान देने की मांग की गई है की टोल प्लाजा पर धरने की आड़ में उनको गुमराह किया जा रहा है। लोगों ने कहा कि किसान यूनियन को इस बारे में टोल प्लाजा पर जाकर सारी सच्चाई से लोगों को अवगत कराना चाहिए 

क्या कहते हैं टोल प्लाजा के मैनेजर
जब उक्त मामले बारे लाडोवाल टोल प्लाजा के मैनेजर विपिन राय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके द्वारा तो किसान यूनियन के धरने के बाद 12 बजे टोल बूथ से अपने कर्मचारियों को उठा लिया गया था। उन्होंने बताया कि कई बार सिस्टम में ऐसा हो जाता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई वाहन चालक उनके पास इस बारे में शिकायत लेकर आएगा,  तो उसकी पेमेंट रिफंड करवा दी जाएगी।

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