Edited By Kalash,Updated: 26 Feb, 2026 12:07 PM

लगता है कि शिक्षा विभाग के कर्मचारी और अधिकारी लंबे समय से सो रहे हैं और ऑनलाइन प्रक्रिया आने के बाद उनकी भी नींद खुलने लगी है।
लुधियाना (विक्की): लगता है कि शिक्षा विभाग के कर्मचारी और अधिकारी लंबे समय से सो रहे हैं और ऑनलाइन प्रक्रिया आने के बाद उनकी भी नींद खुलने लगी है। ताजा मामला विभाग में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ जुड़ा है जिसमें विभागीय रिकॉर्ड को ऑनलाइन देखने पर मालूम चला कि रिकॉर्ड में दर्ज विभिन्न कर्मचारियों के नाम पर एक ही मोबाइल नंबर लिखा गया है जिसे देखकर खुद अधिकारी भी हैरान हैं कि पहले यह क्या होता रहा है? सिस्टम में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो सकती है।
खैर मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा ई-पंजाब पोर्टल पर दर्ज अधिकारियों और कर्मचारियों के डाटा को लेकर आदेश जारी कर दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबर और ई-मेल आई.डी. में कई खामियां सामने आई हैं जिसे तुरंत ठीक करने की जरूरत है ताकि विभागीय सूचनाएं समय पर पहुंच सकें।
जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग के नए सिरे से तैयार किए गए ई-पंजाब (एम.आई.एस. 2.0) फेज़-1 के मॉड्यूल लागू किए जा रहे हैं। पुराने पोर्टल से नए सिस्टम पर डाटा माइग्रेट करने के लिए हर अधिकारी और कर्मचारी का मोबाइल नंबर और ई-मेल आई.डी. 'यूनीक' होना अनिवार्य है। विभाग को देखने में आया है कि कई कर्मचारियों के फोन नंबर बदल गए हैं या एक ही नंबर एक से अधिक कर्मचारियों के रिकॉर्ड में दर्ज है। यही नहीं कई कर्मचारियों ने तो अपनी निजी ई-मेल की जगह स्कूल या दफ्तर की आई.डी. दर्ज की हुई है।
शिक्षा विभाग ने समूह जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर अपने कर्मचारियों के मोबाइल नंबर और ई-मेल आई.डी. अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। जिन अधिकारियों या कर्मचारियों का मोबाइल नंबर या ई-मेल आई.डी. डुप्लीकेट या गलत दर्ज है, उसे मौजूदा ई-पंजाब पोर्टल पर 27 फरवरी तक ठीक करने की अंतिम तिथि तय की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि यह डाटा समय पर सही नहीं किया गया, तो नए मॉड्यूल पर सही डाटा माइग्रेट करने में समस्या आ सकती है।
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