पंजाब के 6 जिलों के किसानों के लिए बड़ी राहत, अब बिना किसी रोक-टोक के कर सकेंगे खेती

Edited By Kamini,Updated: 09 Apr, 2026 02:27 PM

big relief for farmers of 6 districts of punjab

पंजाब के 6 जिलों के सरहदी इलाकों में रहने वाले किसानों को बड़ी राहत मिलने जा रही है।

पंजाब डेस्क: पंजाब के 6 जिलों के सरहदी इलाकों में रहने वाले किसानों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। केंद्र सरकार की हरी झंडी के बाद भारत-पाक सीमा के पास लगी कंटीली तार को आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है, जिससे काफी जमीन किसानों के उपयोग के लिए फिर से उपलब्ध हो सकेगी। कई जगहों पर बॉर्डर से 1 से 2 किलोमीटर दूर थी। इसकी वजह से पंजाब के करीब 1.2 लाख किसान परिवार प्रभावित हो रहे थे, जिन्हें BSF की कड़ी निगरानी में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ही खेती करने की इजाजत थी। अब केंद्र सरकार से मंज़ूरी मिलने के बाद इस फेंसिंग को 150 से 200 मीटर तक इंटरनेशनल बॉर्डर की तरफ शिफ्ट करने का प्लान है। इससे हजारों एकड़ जमीन फेंसिंग से बाहर आ जाएगी और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

इससे लंबे समय से तार के बाहर पड़ी खेती योग्य जमीन किसानों के पास वापस आएगी और वे बिना पाबंदी खेती कर सकेंगे। जो जमीन अब भी फेंसिंग के पार रहेगी, उसके लिए सरकार मुआवजा देगी। इससे काफी जमीन कांटेदार तार की बाड़ से बाहर आ जाएगी और किसान यहां बिना किसी रोक-टोक के खेती कर सकेंगे। दरअसल, 1992 में की गई फेंसिंग के कारण बड़ी मात्रा में जमीन सीमा के भीतर होते हुए भी तार के पार चली गई थी। इससे हजारों किसान प्रभावित हुए और उन्हें सुरक्षा बलों की निगरानी में सीमित समय के लिए ही खेती करनी पड़ती थी। 

इन 6 जिलों के किसानों को राहत

नई व्यवस्था से फाजिल्का, फिरोजपुर, तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जिलों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार ने आश्वासन दिया है कि मुआवजा बाजार दर के अनुसार दिया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। किसानों को मार्केट रेट के हिसाब से मुआवज़ा मिलेगा। केंद्र से इस स्कीम को मंज़ूरी मिलने के बाद SDM लेवल के अफ़सरों को इस काम के लिए कलेक्टर की पावर दी गई है ताकि ज़िला लेवल पर मुआवजे और रिहैबिलिटेशन पर फैसले जल्दी लिए जा सकें। साथ ही, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े फैसलों को तेजी से लागू करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को अधिक अधिकार दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस कदम से जहां किसानों को राहत मिलेगी, वहीं सीमा सुरक्षा भी और मजबूत होगी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दी थी मंजूरी

गौरतलब है कि हाल ही में राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर यह मुद्दा उठाया था कि बॉर्डर पर लगी कंटीली तार की वजह से हज़ारों एकड़ उपजाऊ खेती की जमीन तार के पार चली गई है, जिससे किसानों को खेती करने में दिक्कतें आ रही हैं। केंद्रीय मंत्री से मांग की गई थी कि या तो तार के आगे की ज़मीन का किसानों को सही मुआवजा दिया जाए या फिर कंटीली तार को भारत की तरफ से इंटरनेशनल बॉर्डर से 200 मीटर दूर कर दिया जाए। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।

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