Edited By Urmila,Updated: 03 Apr, 2026 10:13 AM

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) की चंडीगढ़ बेंच ने लंबे समय से कॉन्ट्रैक्ट टीचरों को बड़ी राहत देते हुए रेगुलर करने का रास्ता साफ कर दिया है।
चंडीगढ़ (प्रीक्षित): सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) की चंडीगढ़ बेंच ने लंबे समय से कॉन्ट्रैक्ट टीचरों को बड़ी राहत देते हुए रेगुलर करने का रास्ता साफ कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन को 10 साल से ज़्यादा सर्विस पूरी कर चुके योग्य टीचरों की सर्विस रेगुलर करने का निर्देश दिया है। इस फैसले से बड़ी संख्या में टी.जी.टी., पी.जी.टी. और दूसरे टीचरों को राहत मिली है, जो कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। 10 से 16 साल से लगातार सर्विस कर रहे टीचरों को रेगुलर नहीं किया जा रहा था। टीचरों की पटीशन पर सेंट्रल गवर्नमेंट, चंडीगढ़ प्रशासन एजुकेशन डिपार्टमेंट को प्रतिवादी बनाया गया था।
पटीशनर टीचरों ने CAT में कहा था कि उन्हें उचित प्रक्रिया के तहत नियुक्त किया गया था और वे अप्रूव्ड पोस्ट पर काम कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने रेगुलर करने के लिए कोई ठोस पॉलिसी नहीं बनाई है। इस पर कैट ने कहा कि लंबे समय तक कॉन्ट्रैक्ट पर कर्मचारियों को रखना लेबर जस्टिस के सिद्धांतों के खिलाफ है। पटीशनर 'बैकडोर एंट्री' नहीं हैं, बल्कि उन्हें एक सही सिलेक्शन प्रोसेस के जरिए नियुक्त किया गया है। रेगुलराइजेशन पॉलिसी बनाने में प्रशासन की नाकामी कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का जिक्र
CAT ने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के कई जरूरी फैसलों का जिक्र किया, जिसमें उमा देवी केस (2006) और हाल के फैसले शामिल हैं। CAT ने साफ किया कि इन फैसलों का गलत मतलब निकालकर कर्मचारियों के सही हक नहीं छीने जा सकते। CAT ने कहा कि जिन टीचरों ने 10 साल या उससे ज्यादा सर्विस पूरी कर ली है, उन्हें 6 हफ़्ते के अंदर रेगुलराइज किया जाए। अगर तय समय में ऑर्डर जारी नहीं होता है, तो टीचरों को अपने आप रेगुलर माना जाएगा। पिछले समय का एरियर नहीं दिया जाएगा, लेकिन सर्विस जारी रखने को पेंशन और दूसरे फायदों में जोड़ा जाएगा। यह ऑर्डर ऐसे ही हालात वाले दूसरे टीचरों पर भी लागू होगा।
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