Edited By Kalash,Updated: 17 Oct, 2026 01:13 PM

शहर के चौराहों से हम अक्सर निकलते हैं। चौराहों पर पैसे मागंने वालों की हालत देख तरस खाकर उन्हें दस या बीस रुपए दे देते हैं ताकि वह अपना पेट भर सकें लेकिन इन पैसे मांगने वालों के पीछे एक बड़ा नैटवर्क काम कर रहा है
जालंधर (वरुण): शहर के चौराहों से हम अक्सर निकलते हैं। चौराहों पर पैसे मागंने वालों की हालत देख तरस खाकर उन्हें दस या बीस रुपए दे देते हैं ताकि वह अपना पेट भर सकें लेकिन इन पैसे मांगने वालों के पीछे एक बड़ा नैटवर्क काम कर रहा है जो इन लोगों के चौराहे चुनता है और फिर उन चौराहों पर भीख मांगने से पहले एडवांस में एक हजार रुपए लेता है। इन भिखारियों में भेष बदल कर पैसे मांगने वाले भी शामिल है।
दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुई। इस युवक ने कपूरथला चौक पर भेष बदल कर चौराहों से पैसे मांगने वाले व्यक्ति से बात की और सारी बात वीडियो में रिकार्ड कर ली। भेष बदल कर पैसे मांगने वाले व्यक्ति के साथ व्हील चेयर पर भी एक व्यक्ति बैठा था। वीडियो बनाने वाले से बातें करते-करते महिलाओं के कपड़े पहने व्यक्ति ने कहा कि वह 4 लोग चौक (कपूरथला चौक) पर हैं। 2 एक साइड खड़े रहते हैं तो हम 2 दूसरी साईड। चारों को पैसे मांगने के लिए हर रोज एक एक हजार रुपए देना पड़ता है।
इतना ही नहीं उक्त व्यक्ति पहले कई दूसरे चौराहों पर भी पैसे मांगता देखा गया, जिससे यह भी साफ है कि इनसे फीस लेने वाले ही उक्त सभी लोगों के मांगने के प्वाइंट्स तय करता है। पैसे मांगने वाले ने यह भी बताया कि पहले उनसे 500 रुपए प्रति दिन लिया जाता था लेकिन अब फीस एक हजार रुपए कर दी गई है। यानि अगर चौराहे पर चार लोग पैसे मांग रहे हैं तो उन्हें एक चौराहे के चार हजार रुपए देने ही पड़ेंगे। यह भी क्लीयर नहीं है कि उनसे मजबूरी में भीख मंगवाई जाती है या फिर वह पेशेवर लोग हैं। पैसे मांगने वाले व्यक्ति ने यह भी कबूला कि शहर भर को बांटा गया है। हर चौराहे के पैसे अलग-अलग लोगों को जाते हैं। अब यह लोग कौन है और उन्होंने पैसे वसूलने के लिए किन लोगों को आगे कर रखा है, इसका कुछ ठोस सबूत नहीं है लेकिन इस धंधे के कारण शहर की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर चिंता के बादल तो हैं। इसी के साथ साथ अवैध वसूली का गैर कानूनी धंधा भी सरेआम चलाया जा रहा है।
कुछ समय पहले प्रशासन ने जालंधर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के चौराहों, धार्मिक स्थलों, शापिंग मॉल के बाहर से भिखारियों को हटाने का बेहतर प्रयास किया था जिसे लोगों ने पसंद भी किया, लेकिन वह बीच में ही छोड़ दिया गया जिसके कारण अब हालात यह है कि हर चौराहे पर तीन से चार भिखारी मिलना आम है और प्रति चौक तीन से चार हजार रुपए हर रोज अवैध वसूली भी हो रही है।
पहचान पत्र भी छीने?
सूत्रों ने दावा कि चौराहों से पैसे मांगने वालों के पास पहचान पत्र भी नहीं है। वह पहचान पत्र उनसे पैसे वसूलने वालों ने अपने पास रखे हुए हैं। फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। क्योंकि ऐसा भी हो सकता है कि उक्त लोगों के पास पहचान पत्र हो ही न। यह भी बताने योग्य है कि अब चौराहों पर कारों के शीशे साफ करके पैसे मांगने वाले भी नए चहरे दिखाई देने शुरू हो गए हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन को ऐसे लोगों और अवैध वसूली के धंधे पर एक्शन लेना चाहिए और उक्त लोगों की पहचान भी करनी चाहिए।
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