भाखड़ा बांध का जलस्तर हुआ 1681 फुट, पानी को चरणबद्ध तरीके से छोडे़गा प्रबंधन

Edited By swetha,Updated: 19 Aug, 2019 05:46 PM

all four gates of bhakra dam will remain open

भाखड़ा डैम का जलस्तर 1674 फुट है, जोकि 1682 फुट तक बढ़ाया जा सकता है।

जालंधरः पंजाब में लगातार हो रही बारिश और भाखड़ा डैम में बढ़े जलस्तर के कारण इसके सभी गेट खोल दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि भाखड़ा डैम का पानी खतरे के निशान से ऊपर जा पहुंचा है। अब तक 55 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा जा चुका है। उन्होंने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। डैम का जलस्तर 81 फुट तक जा पहुंचा है जो कि इसकी क्ष्मता से करीब एक फुट कम रह गया है। भाखड़ा डैम का जलस्तर 1674 फुट है, जोकि 1682 फुट तक बढ़ाया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि भाखड़ा डैम में शनिवार तक 1674 फुट से अधिक जलस्तर दर्ज किया गया था, जो कि पिछले साल की तुलना में 60 फुट अधिक है। डैम की अधिकतम भंडारण क्षमता 1680 फुट है। पंजाब के हालात को देखते हुए बोर्ड ने निणर्य लिया है कि अब भाखड़ा से पहले के मुकाबले कम पानी छोड़ा जाएगा जिससे लोगों को अधिक नकुसान ना उठाना पड़े। 

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बोर्ड के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल में भारी बारिश के कारण बांध के जलाशय का जल स्तर आज सुबह तक 1681 फुट रिकार्ड किया गया। सतलुज से तिब्बत तक बांध के स्थलों पर सतलुज नदी के कैंचमैंट एरिया में भारतीय मौसम विभाग द्वारा उपलब्ध पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए गत 16 अगस्त से लगभग 538 क्यूमेक (19,000 क्यूसेक) पानी, टरबाइनों से छोड़े गए पानी के अतिरिक्त अब कम पानी छोडऩे का निर्णय लिया है। कम पानी छोडऩे के निर्णय से बांध के डाऊनस्ट्रीम के नदी नालों में पानी के जमाव को कम किया जा सका है। बोर्ड के अनुसार गत 17 तथा 18 अगस्त की मध्य रात्रि से भाखड़ा बांध के जलग्रहण क्षेत्रों, पौंग बांध तथा पंजाब के निचले भागों में भारी बारिश हुई जिसे देखते हुए 18 अगस्त को भाखड़ा बांध जलाशय में पानी 3,11,130 क्यूसेक जल बहाव आने के कारण जल स्तर, बाढ़ के शीर्ष पर पहुंच गया था। ऐसा सतलुज नदी में ब्यास-सतलुज लिंक परियोजना के माध्यम से ब्यास नदी के 8500 क्यूसेक जल के बहाव को बंद करने के बावजूद हुआ। 

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वर्ष 1988 में आई बाढ़ के समय भाखड़ा बांध का जलस्तर 3,18,000 क्यूसेक रिकार्ड किया गया था। पिछले दो दिनों में बांध का जलस्तर उससे भी अधिक दर्ज किया गया है। भाखड़ा से कम मात्रा में पानी छोडऩे के हर संभव प्रयास किए गए। जबकि वर्तमान जल स्तर 1681 फीट को ध्यान में रखते हुए और जलाशय में 1,00,000 क्यूसेक से अधिक भारी इनफ्लो को देखते हुए भाखड़ा बांध के स्पिलवे के माध्यम से 538 क्यूमेक (19,000 क्यूसेक) से 1161 क्यूमेक (41,000 क्यूसेक) पानी को छोडऩे का निर्णय लिया गया, जो टरबाइनों से छोड़े गए पानी के अतिरिक्त है। बीबीएमबी ने पौंग बांध से विद्युत का उत्पादन बंद कर दिया है, इस प्रकार हरिके बैराज में बाढ़ को रोकने को रोकने के लिए पौंग बांध में विद्युत उत्पादन के लिए 10,000 क्सूसेक पानी को छोडऩा भी बंद कर दिया है। भाखड़ा बांध में जल की स्थिति की निरन्तर निगरानी की जा रही है। बांध की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और इसके साथ-साथ डाउनस्ट्रीम में स्पिलवे के माध्यम से यथासंभव न्यूनतम पानी छोड़ा जा रहा है। 

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गौरतलब है कि रविवार दोपहर को 30 हजार क्यूसेक पानी पाकिस्तान को छोड़ा गया था। इसे मिलाकर पाकिस्‍तान छोड़े जाने वाले पानी का बहाव 41 हजार क्‍यूसेक हो गया है। रविवार को तरनतारन के हरीके पत्तन हेड वर्क्‍स से भी पाकिस्तान को 70,613 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। पंजाब को हिमाचल में हो रही भारी बारिश का भी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सूबे के विभिन्न हिस्सों में हो रही बारिश से तो नुकसान हो ही रहा है, साथ सतलुज और ब्यास नदियां पहाड़ों से ही रौद्र रूप धारण कर मैदानों में उतर रही हैं। 

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