पुडा को बड़ा झटका! प्लॉट नहीं दिया तो लौटाने होंगे 14.51 लाख और 50 हजार मुआवजा

Edited By Urmila,Updated: 03 Nov, 2026 10:20 AM

a major blow to puda

2014 में पुडा ने एस.ए.एस. नगर मोहाली स्थित सैक्टर-118-119 में गेटवे सिटी नामक आवासीय भूखंड परियोजना शुरू की थी।

चंडीगढ़ (सुशील राज): जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पंजाब शहरी योजना एवं विकास प्राधिकरण (पुडा) द्वारा समय पर प्लाट न सौंपने पर 14.51 लाख रुपए वापस करने और देरी के लिए 50,000 रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह फैसला सैक्टर-37 गुरदीप सिंह शिकायत पर सुनवाई के दौरान दिया।

गुरदीप सिंह ने बताया कि 2014 में पुडा ने एस.ए.एस. नगर मोहाली स्थित सैक्टर-118-119 में गेटवे सिटी नामक आवासीय भूखंड परियोजना शुरू की थी। 2015 में, उन्होंने एक प्लॉट खरीदने के लिए पुडा से संपर्क किया। उसके प्रतिनिधि ने बताया कि परियोजना में 268 वर्ग गज का एक प्लॉट पुनर्विक्रय के लिए उपलब्ध है।

पुडा ने आश्वासन दिया कि वह उनके पक्ष में नया आशय पत्र जारी करेगा और एक प्लॉट नंबर आवंटित करेगा। उन्होंने अमन गुप्ता से 256 वर्ग गज का भूखंड कुल अनुमानित लागत 53,76,000 रुपए में खरीदने पर सहमति व्यक्त की। 27 जुलाई, 2015 को सूचना पत्र के हस्तांतरण के लिए आवेदन किया और पी.यू.डी.ए. ने 30 जुलाई, 2015 के पत्र के माध्यम से इसे उनके पक्ष में जारी कर दिया।

अनुबंध की शर्तों के अनुसार, उन्होंने भूखंड के आवंटन से पहले कुल 16,08,612 रुपए का भुगतान किया था। शेष 75 प्रतिशत का भुगतान आवंटन पत्र जारी होने के बाद ही किया जाना था। हालांकि, उन्होंने साइट का दौरा किया, तो पाया कि आवंटित भूखंड व्यवहार्य नहीं था। उन्होंने तुरंत पुडा से संपर्क किया और धन वापसी या उसी आकार के अन्य व्यवहार्य भूखंड के आवंटन का अनुरोध किया, जिस पर पुडा ने धन वापसी का आश्वासन दिया।

पुडा प्लॉट का वास्तविक भौतिक कब्जा देने में विफल रही और शिकायतकर्ता से विक्रय राशि प्राप्त करने के बावजूद उचित सरकारी अधिकारियों से मंजूरी प्राप्त करने में भी विफल रही और उसने अवैध रूप से प्लॉट को अपने पास रखा। पुडा के वकील ने शिकायत में किए दावों को खारिज करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने पुडा से परामर्श किए बिना अमन गुप्ता से प्लॉट खरीदा था। हालांकि, यह स्वीकार किया गया कि सूचना का पत्र शिकायतकर्ता के नाम पर स्थानांतरित कर दिया गया था। आवंटन से पहले 14,51,520 रुपए प्राप्त हुए थे, और उनके पक्ष में एक आवंटन पत्र भी जारी किया गया था।

आयोग ने दलीलें सुनने के बाद कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि पुडा उस परियोजना को, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा भूखंड बुक किया गया था, न सहमत समय के भीतर और न ही उसके बाद उचित समय के भीतर पूरा कर सका, और अब तक भी, पुडा रिकॉर्ड पर कोई ठोस सबूत, जैसे पूर्णता प्रमाण पत्र, अधिभोग प्रमाण पत्र, तस्वीरें आदि प्रस्तुत करने में विफल रहा है, जिससे यह साबित हो सके कि शिकायतकर्ता के भूखंड वाली परियोजना सभी दृष्टियों से पूर्ण है। इसके चलते शिकायतकर्ता को 14,51,520 रुपए की राशि संबंधित भुगतान तिथियों से 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित वापस करने और मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के मुआवजे के रूप में 50,000 और मुकदमेबाजी की लागत का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!