होटल में DSP की रेड ने उड़ाए होश, कैदी संग कमरे में..., ASI और सब इंस्पेक्टर सहित 5 गिरफ्तार

Edited By Urmila,Updated: 05 Aug, 2026 10:50 AM

5 arrested including an asi and a sub inspector

चंडीगढ़ और पंचकूला के आई.डी.एफ.सी. बैंक में 661 करोड़ रुपए घोटाले के सरगना विक्रम वाधवा को अस्पताल में चैकअप के बाद दो पुलिसकर्मी ने सैक्टर 17 के सिटी होटल में लेकर गए।

चंडीगढ़ (सुशील): चंडीगढ़ और पंचकूला के आई.डी.एफ.सी. बैंक में 661 करोड़ रुपए घोटाले के सरगना विक्रम वाधवा को अस्पताल में चैकअप के बाद दो पुलिसकर्मी ने सैक्टर 17 के सिटी हार्ट होटल में लेकर गए। कमरे में जमकर पार्टी चली। कमरे में विक्रम वाधवा की पत्नी, रिश्तेदार और बेटे मौजूद थे।

मामले की भनक लगते ही डी.एस.पी. लाइन पूनम दिलवारी ने होटल में रेड कर पुलिसकर्मियों और वाधवा को काबू कर सैक्टर 17 थाना पुलिस के हवाले कर दिया। सैक्टर-17 थाना पुलिस ने ए.एस.आई. सुरिंदर, एस.आई. जगमेर और विचाराधीन कैदी विक्रम वाधवा, उसके बेटे विक्रम व कुणाल वाधवा के खिलाफ मामला दर्जकर गिरफ्तार किया।

आई.डी.एफ.सी. बैंक में 661 करोड़ रुपए के घोटाला का मुख्य आरोपी विक्रम वाधवा बुडै़ल जेल में बंद है। बीमार होने के कारण मंगलवार को सैक्टर-16 जनरल अस्पताल में चैकअप होना था। ए.एस.आई. सुरिंदर और एस.आई. जगमेर की आरोपी को सैक्टर-26 पुलिस लाइन से अस्पताल ले जाने की ड्यूटी लगाई गई। दोनों पुलिसकर्मी सुबह विक्रम वाधवा को बुडै़ल जेल से निकालकर अस्पताल लेकर गए। जल्दी जल्दी चैकअप करवाने के बाद पुलिसकर्मी विक्रम वाधवा को बुडै़ल जेल ले जाने की बजाए सैक्टर-17 सिटी हार्ट होटल ले गए। होटल में विक्रम वाधवा के बेटे विक्रम और कुणाल ने कमरा बुक किया था। वहां वाधवा की पत्नी और दोनों बेटे थे। सभी ने मिलकर कमरे में पार्टी की।

विचाराधीन कैदी के होटल में पार्टी करने की भनक डी.एस.पी. लाइन पूनम दिलावरी को लगी। उन्होंने पुलिस टीम के साथ होटल में छापा मारा और कमरे में विक्रम वाधवा, उसकी पत्नी, दोनों बेटे और पुलिसकर्मी मिले। डी.एस.पी. ने मामले की सूचना सीनियर अफसरों को देकर सैक्टर-17 थाना पुलिस से संपर्क किया। डी.एस.पी. सैंट्रल एस.पी.एस. सोंधी और सैक्टर-17 थाना प्रभारी सुदेश मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने अपने बयान में बताया कि वह होटल में खाना खाने आए थे। एस.एस.पी. के आदेश के बाद सैक्टर-17 थाना पुलिस ने ए.एस.आई. सुरिंदर, एस.आई. जगमेर, विचारधीन कैदी विक्रम वाधवा, बेटे विक्रम और कुणाल पर मामला दर्जकर गिरफ्तार कर लिया।

पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आरोपी को अस्पताल में इलाज के लिए ले जाने की अनुमति मिली थी, तो उसे होटल क्यों ले जाया गया। जांच एजैंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि रास्ता किसके निर्देश पर बदला गया और क्या इस पूरे घटनाक्रम में अन्य पुलिसकर्मी या अधिकारी भी शामिल थे। पुलिस होटल के सी.सी.टी.वी. कैमरों की फुटेज, एंट्री रजिस्टर, मोबाइल फोन की लोकेशन और कॉल डिटेल को जब्त किया गया। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि होटल में आरोपी किन-किन लोगों से मिला और वहां कितनी देर तक रुका।

हर सप्ताह चैकअप के लिए विक्रम वाधवा आता था जेल से बाहर

करोड़ों की ठगी करने वाला विक्रम वाधवा चैकअप करवाने के बहाने हर सप्ताह जेल से बाहर जाता था। विक्रम ने जेल की डिस्पैंसरी के स्टाफ से सैटिंग कर रखी थी, जिसके चलते डाक्टर सैक्टर-16 जनरल अस्पताल से चैकअप के लिए लिखते थे। इसका फायदा उठाकर वाधवा परिजनों और रिश्तेदारों के साथ मिलता था। पुलिसकर्मी शाम 4 बजे वापस बुड़ैल जेल छोड़ देते थे।

चंडीगढ़ पुलिस का ए.एस.आई. पहले भी कैदी को लेकर गया था होटल में

चंडीगढ़ पुलिस के जवान चंद रुपए के लालच में विभाग को बदनाम कर रहे हैं। इससे पहले मई, 2024 में विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले दविंदर सिंह गिल को पेशी के बाद होटल ले जाकर पार्टी करवाने के आरोप में ए.एस.आई. जसबीर सिंह पर गाज गिरी थी। होटल में पार्टी करते हुए दविंदर सिंह की वीडियो वायरल कर दी। इसके बाद सैक्टर-36 थाना पुलिस ने ए.एस.आई. जसबीर पर भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here  

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!