Edited By Urmila,Updated: 10 Jul, 2026 03:26 PM

: फतेहगढ़ साहिब जिले के खमाणों के अंतर्गत गांव राणवां से दुखद खबर सामने आई है जहां दादा-दादी की गोद में पल रहे तीन साल के मासूम बच्चे की सांप के काटने से मौत हो गई।
फतेहगढ़ साहिब (जगदेव) : फतेहगढ़ साहिब जिले के खमाणों के अंतर्गत गांव राणवां से दुखद खबर सामने आई है जहां दादा-दादी की गोद में पल रहे तीन साल के मासूम बच्चे की सांप के काटने से मौत हो गई, जिससे हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। यहीं नहीं, डेढ़ साल पहले इस मासूम बच्चे के पिता ने घरेलू झगड़े के चलते अपनी जान दे दी थी।
बस्सी पठाना के खुमाणों सब-डिवीजन के गांव राणवां के इस परिवार की किस्मत ने मानो इस परिवार से सारी खुशियां छीनने की कसम खा ली हो, जहां अब दादा-दादी की गोद में पल रहे तीन साल के मासूम बच्चे भवनप्रीत सिंह की सांप के काटने से मौत हो गई, जिससे हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। यहीं नहीं, डेढ़ साल पहले इस मासूम बच्चे के पिता ने घरेलू झगड़े के चलते अपनी जान दे दी थी। उस समय उनका बेटा भवनप्रीत सिंह सिर्फ़ डेढ़ साल का था, जबकि भवनप्रीत की मां पहले ही घर छोड़कर जा चुकी थी, जिसके बाद दादा-दादी बच्चे को अपने बेटे की आखिरी निशानी मानकर पाल रहे थे, लेकिन देर रात एक जहरीले सांप के काटने से इस परिवार की आखिरी किलकारी भी छिन गई। सांप के काटने से साढ़े तीन साल के भवनप्रीत सिंह की मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में दुख की लहर दौड़ गई।
मृतक भवनप्रीत की दादी ने बताया कि रात को भवनप्रीत और उनका दूसरा पोता एक ही कमरे में सो रहे थे। सुबह करीब 2:30 बजे भवनप्रीत अचानक जोर-जोर से रोने लगा। पहले तो परिवार वालों को लगा कि बच्चा डर गया होगा, उसे उठाकर चुप कराने की कोशिश की, लेकिन वह बार-बार अपनी बाजू की तरफ इशारा कर रहा था, तभी बच्चे की बाजू पर नीला निशान दिखा। पहले तो परिवार वालों को लगा कि शायद किसी कीड़े ने उसे काट लिया होगा। लेकिन जब बिस्तर और कपड़े हटाए गए तो बड़े पोते के तकिए के नीचे एक जहरीला सांप बैठा मिला। यह देखकर घर में हड़कंप मच गया। घरवाले भवनप्रीत को तुरंत खमाणों के अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में मासूम ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस बीच, परिवार के सदस्य हरबंस सिंह ने भारी मन से बताया कि पहले उन्होंने अपने बेटे जगमीत सिंह को खोया, फिर बहू घर छोड़कर चली गई। इसके बाद वह और उनकी पत्नी भवनप्रीत को अपने बेटे की आखिरी निशानी मानकर पाल रहे थे। अब उस मासूम की मौत ने परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और सभी की आंखें नम हैं। इस मौके पर परिवार ने सरकार से भी किसी तरफ से आर्थिक मदद देने की गुहार लगाई है।
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