‘डीजल व पैट्रोल की कीमतें बढ़ती हैं तो सरकारों की कमाई में हो जाती है वृद्धि’

Edited By Sunita sarangal,Updated: 15 Jan, 2020 09:52 AM

diesel and petrol prices rise then governments  earnings increase

डीजल-पैट्रोल को जी.एस.टी. के दायरे में लाए केंद्र सरकार : मेजर पुन्नावाल

संगरूर(विवेक सिंधवानी): देश में दिन-प्रतिदिन डीजल व पैट्रोल की कीमतों में वृद्धि हो रही है जिसकी मार जहां आम लोगों को पड़ रही है वहीं किसानों को भारी आर्थिक संकट झेलना पड़ता है। 

पैट्रोल व डीजल की कीमतों में वृद्धि का सिलसिला तब तक नहीं रोका जा सकता जब तक इसको जी.एस.टी. के दायरे में नहीं लाया जाता। यह विचार कुल हिंद किसान सभा पंजाब के महासचिव मेजर सिंह पुन्नावाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रकट किए। उन्होंने कहा कि जब डीजल की कीमतें बढ़ती हैं तो ढुलाई महंगी हो जाती है, खादों व कीड़ेमार दवाइयों की कीमतों में वृद्धि हो जाती है। पुन्नावाल ने कहा कि हैरानी की बात है कि जब पैट्रोल व डीजल की कीमतें बढ़ती हैं तो किसानों सहित आम जनता को महंगाई की मार झेलनी पड़ती है।

दूसरी तरफ केंद्र व राज्य सरकारों की आमदन में वृद्धि हो जाती है। यदि डीजल की कीमतें 70 रुपए प्रति लीटर है तो केंद्र व राज्य सरकारों के इन पर लगाए टैक्स 35 रुपए तक पहुंच जाते हैं। यदि केंद्र व राज्य सरकारें डीजल व पैट्रोल पर लगाए टैक्सों को ही कम कर दे तो किसानों को राहत मिल सकती है। पुन्नावाल ने कहा कि वह किसान जिनके पास ट्यूबवैल कनैक्शन नहीं हैं सरकार की बिजली पानी मुफ्त लेने की सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते।

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