विभिन्न राज्यों से कारें चोरी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश

Edited By Vaneet,Updated: 19 Mar, 2019 09:27 PM

busted international gangs that steal cars from different states

सी.आई.ए. स्टाफ की पुलिस को उस समय पर भारी सफलता हासिल हुई जब अलग-अलग राज्यों के शहरों से कारे चोरी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते चार कारे बरामद की हैं।....

अमृतसर(बौबी): सी.आई.ए. स्टाफ की पुलिस को उस समय पर भारी सफलता हासिल हुई जब अलग-अलग राज्यों के शहरों से कारे चोरी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते चार कारे बरामद की हैं। पत्रकार सम्मेलन को संबोधन करते हुए डी.सी.पी. इंवैस्टीगेशन मुखविन्द्र सिंह भुल्लर, ए.सी.पी. इंवैस्टीगेशन पलविन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस कमिश्नर एस.एस. श्रीवास्तव के नेतृत्व में सी.आई.ए. स्टाफ के इंचार्ज सुखविन्द्र सिंह रंधावा के दिशा-निर्देशों अनुसार ए.एस.आई.अश्वनी कुमार ने मुखबरी के आधार पर पुलिस पार्टी के साथ ढींगरा अस्पताल नजदीक नाका लगा कर आने-जाने वाले वाहनों की चैकिंग करते समय उक्त गिरोह के सदस्यों को काबू कर गिरोह का पर्दाफाश किया है।     

उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरिन्द्र सिंह उर्फ रिंकू पुत्र गुरमीत सिंह सैनी निवासी गांव भागोवाल खरड़, जिला मोहाली और इन्द्रजीत सिंह पुत्र सुरिन्दर सिंह निवासी मोहल्ला चार हट्टिया रोपड़ के रूप में हुई है, जिनसे 1 स्विफ्ट कार नंबर सी.एच. 01.ए.वाई.1119 रंग सिल्वर इसका असली नंबर पी.बी.65-5364 जो कि इन्होंने दिल्ली से चोरी की थी। इसी तरह इनोवा कार बिना नंबर मोहाली से आई-20 कार नंबर पी.बी.02.डी.एल.2655 रंग सफेद सहित जाली आर.सी नंबर पी.बी.02.डी.एल.2655, जिसका असली नंबर पी.बी.33-2626 जो कि चंडीगढ़ से चोरी की गई। एक अन्य स्विफ्ट कार नंबर पी.बी.18.एस.0063. रंग सफेद इस नंबर की जाली आर.सी. बनाई हुई थी। इस गाड़ी की चैसी नंबर, इंजन नंबर को खरोचा हुआ था, जिस कारण इस गाड़ी का अभी तक असली नंबर पता नहीं लग सका। 

शातिर दिमाग आरोपी गाडिय़ां चोरी कर करते थे बिक्री 
डी.सी.पी. इंावैस्टीगेशन मुखविन्दर सिंह भुल्लर ने बताया कि प्राथमिक जांच दौरान यह भी पता लगा कि आरोपी इन्द्रजीत सिंह गाडिय़ों का मकैनिक था, जिसको हरेक गाड़ी का भेद था, जिसने अपने साथी गुरिन्दर सिंह रिंकू के साथ मिलकर अलग-अलग शहरों से जो गाडिय़ां एक्सीडैंट होने के बाद कंडम हो जाती थी और इंश्योरैंस कंपनी वाले गाड़ी अपने नाम करवा कर वह गाड़ी को कबाड़ में बेच देते थे, जहां यह शातिर दिमाग वाला आरोपी कंडम होने वाली गाडियों की डिटेल पता कर उस रंग की और उसी ब्रांड की गाड़ी चोरी कर उसका चैसी नंबर, इंजन नंबर काटने के बाद टैपर कर चोरीशुदा गाडिय़ों व वैल्डिंग करने के उपरांत उसके जाली कागजात तैयार कर बेचते थे। 

रिमांड हासिल करने के उपरांत अन्य चोरी की गाडिय़ां बरामद होने की संभावना
डी.सी.पी. इंवैस्टीगेशन मुखविन्द्र सिंह भुल्लर अनुसार उक्त आरोपियों द्वारा एक अन्य फॉरचूनर गाड़ी चोरी की थी जो कि श्री गंगानगर ही छोड़ आए थे। सी.आई.ए. स्टाफ की पुलिस ने श्री गंगानगर की पुलिस को यह जानकारी दे दी थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए श्रीगंगा नगर की पुलिस ने उक्त फोरचूनर गाड़ी लावारिस होने के नाते बरामद कर ली है और उक्त आरोपियों को प्रोडैक्शन वारंट पर लाने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि माननीय अदालत द्वारा उक्त आरोपियों को पेश कर और रिमांड मांगा जाएगा तांकि इन से गहनता के साथ पूछताछ होने पर अभी अन्य चोरी की गाडिय़ां बरामद होने की संभावना है।  
 

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