Edited By VANSH Sharma,Updated: 21 Jun, 2026 09:01 PM

16 जून को कर्णप्रयाग, उत्तराखंड में श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा पर जा रहे चार सिख निहंग युवकों पर हुए हमले, मारपीट और उनके खिलाफ एकतरफा मामला दर्ज किए जाने की घटना ने पूरे सिख जगत में गहरी चिंता और रोष पैदा कर दिया है।
देहरादून/मुल्लांपुर दाखा (कालिया): 16 जून को कर्णप्रयाग, उत्तराखंड में श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा पर जा रहे चार सिख निहंग युवकों पर हुए हमले, मारपीट और उनके खिलाफ एकतरफा मामला दर्ज किए जाने की घटना ने पूरे सिख जगत में गहरी चिंता और रोष पैदा कर दिया है। युवकों को बिना दस्तार अदालत में पेश किए जाने की घटना ने भी सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वारिस पंजाब दे का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें सांसद भाई सरबजीत सिंह खालसा, भाई अमृतपाल सिंह खालसा के सम्मानित पिता बापू तरसेम सिंह, मुल्लांपुर दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह इयाली, गुरुद्वारा शहीद सिंहां सुहाना साहिब के मुख्य सेवादार सरदार हरजिंदर सिंह, अकाली दल वारिस पंजाब दे के वरिष्ठ नेता दलेर सिंह डोड, रशपाल सिंह सोसन और गंगवीर सिंह सहित अन्य नेता शामिल थे, ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के दौरे पर होने के कारण उनके निर्देशानुसार डीजीपी दीपम सेठ से विस्तारपूर्वक मुलाकात की।
इस दौरान डीजीपी ने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच जिले से बाहर किसी निष्पक्ष एजेंसी या अधिकारी को सौंपी जाएगी। इसके साथ ही दूसरे पक्ष के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज कर दिया गया है।
डीजीपी ने यह भी आश्वासन दिया कि बिना मेडिकल साक्ष्यों के लगाई गई धारा 307 और अन्य बेबुनियाद धाराओं, जिनमें छेड़छाड़ संबंधी धाराएं भी शामिल हैं, की समीक्षा कर उन्हें हटाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चारों युवकों की जल्द से जल्द रिहाई के प्रयास भी किए जाएंगे।
इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की कि पीड़ित युवकों को जल्द न्याय मिलेगा। यदि न्याय में देरी हुई या पक्षपात किया गया, तो सिख कौम और संबंधित संगठन इस मामले की मजबूती से पैरवी करेंगे और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेंगे।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here