Edited By Urmila,Updated: 12 Apr, 2026 03:53 PM

वृंदावन में नाव पलटने की दर्दनाक घटना ने अबोहर शहर को गहरे शोक में डुबो दिया। इस हादसे में जान गंवाने वाले नई आबादी निवासी मानिक टंडन का पार्थिव शरीर जब आज सुबह उसके घर पहुंचा, तो पूरा माहौल गमगीन हो उठा।
अबोहर (सुनील नागपाल) : वृंदावन में नाव पलटने की दर्दनाक घटना ने अबोहर शहर को गहरे शोक में डुबो दिया। इस हादसे में जान गंवाने वाले नई आबादी निवासी मानिक टंडन का पार्थिव शरीर जब आज सुबह उसके घर पहुंचा, तो पूरा माहौल गमगीन हो उठा। घर के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी—हर आंख नम थी, हर चेहरा शोक में डूबा हुआ।
सुबह जैसे ही शव घर पहुंचा, परिजनों का विलाप सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल दहल उठा। सबसे अधिक दुखद दृश्य उसकी वृद्ध मां, दो बहनों और मंगेतर का था। जिन हाथों ने उसकी शादी की तैयारियां शुरू की थीं, वे आज कांपते हुए उसे अंतिम विदाई दे रहे थे। जिस घर में शहनाइयों की गूंज होनी थी, वहां मातम पसरा हुआ था। मां की चीखें, बहनों का विलाप और मंगेतर का रो-रोकर बुरा हाल—यह सब देखकर कोई भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाया।
बताया जा रहा है कि मानिक टंडन की शादी इसी साल सितंबर में होने वाली थी। उसने शादी के लिए शहर का एक बड़ा पैलेस भी बुक कर लिया था और बाकी तैयारियां वृंदावन से लौटकर करनी थीं। लेकिन किसे पता था कि यह यात्रा उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होगी। जो युवक कुछ ही महीनों में दूल्हा बनने वाला था, आज उसे कफन में लिपटा देख हर किसी का दिल भर आया।
दोपहर के समय इंद्रा नगरी रोड स्थित मुख्य शिवपुरी में उसका अंतिम संस्कार किया गया, जहां हजारों लोगों ने नम आंखों से उसे विदाई दी। इस दौरान समाजसेवी राजू चराया ने कहा कि यह घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे शहर के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थल पर जाना भले ही पुण्य का कार्य माना जाता है, लेकिन इतनी कम उम्र में इस तरह का हादसा अत्यंत पीड़ादायक है।
वहीं नई आबादी के ऊषा माता मंदिर की शशि देवा जी ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मात्र 25 वर्ष की आयु में मानिक का यूं चले जाना बेहद असहनीय है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करे।
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