श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले के बाद गरमाई सियासत, तरुण चुघ बोले-तुरन्त इस्तीफा दें CM भगवंत मान

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 16 Jun, 2026 08:46 PM

tarun chugh attacks bhagwant mann

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने आज कहा कि सिख धर्म की पूज्य हस्तियों और भावनाओं के घोर अनादर से जुड़े विवादित वीडियो पर पंथ की सर्वोच्च संस्था के निर्णय के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कुर्सी पर बने...

पंजाब डैस्क : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने आज कहा कि सिख धर्म की पूज्य हस्तियों और भावनाओं के घोर अनादर से जुड़े विवादित वीडियो पर पंथ की सर्वोच्च संस्था के निर्णय के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कुर्सी पर बने रहने का रत्ती भर भी नैतिक अधिकार खो चुके हैं।

चुग ने कहा कि जब यह वीडियो कई महीने पहले सामने आया था, तब भगवंत मान ने ढिठाई से इसे फर्जी बताकर खारिज कर दिया था और दावा किया था कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किया गया है। श्री अकाल तख्त साहिब के जथेदार के समक्ष पेश होकर उन्होंने चुनौती तक दी थी कि किसी भी सक्षम एजेंसी से इसकी जाँच करवा ली जाए और इसे फर्जी बताते रहे। इस तरह मुख्यमंत्री ने अपनी विश्वसनीयता उसी जाँच के परिणाम पर दाँव पर लगा दी थी।

चुग ने कहा कि 15 जून को पंथक हस्तियों, संस्थाओं और सिख संगठनों के साथ हुए विचार-विमर्श में पूरा सच सामने आ गया। यह वीडियो देश की दो प्रमाणित प्रयोगशालाओं में फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया था, और दोनों ने बिना किसी संदेह के निष्कर्ष दिया कि वीडियो असली है, उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई और वह AI से निर्मित नहीं है। जिस जाँच के लिए भगवंत मान ने स्वयं चुनौती दी थी, वही आज उनके अपने कृत्यों का अभियोग बन गई है।

चुग ने कहा कि इन्हीं निष्कर्षों के आधार पर पंथ की सर्वोच्च संस्था ने भगवंत मान को "गुरु द्रोही" और "सिख विरोधी" घोषित कर संगत को उनका सामाजिक बहिष्कार करने का आदेश दिया है। यह एक अभूतपूर्व कलंक है, जिसने पूरे विश्व में बसी नानक नाम लेवा संगत की अंतरात्मा को झकझोर दिया है और किसी भी मुख्यमंत्री के समक्ष ऐसी नैतिक एवं राजनीतिक स्थिति कभी उत्पन्न नहीं हुई।

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री का पद ईमानदारी, विनम्रता और जनता की आस्था एवं भावनाओं के प्रति सम्मान की माँग करता है। जब पंथ की सर्वोच्च धार्मिक संस्था ने ही ऐसा गंभीर अभियोग सुना दिया हो, तो भगवंत मान के पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक आधार शेष नहीं रहता।"

चुग ने भगवंत मान से तत्काल इस्तीफे की माँग करते हुए कहा कि यह अभियोग केवल मुख्यमंत्री तक सीमित नहीं है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल के हर मंत्री, विधायक और पदाधिकारी से आह्वान किया कि वे श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश का सम्मान करते हुए सरकार में अपनी निरंतरता पर पुनर्विचार करें। चुग ने कहा कि जो मंत्रिमंडल पंथ की सर्वोच्च संस्था द्वारा "गुरु द्रोही" घोषित मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहा हो, उसे एक पल भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं, और पूरे मंत्रिमंडल को पद छोड़ देना चाहिए।

चुग ने कहा कि कोई भी राजनीतिक पद धर्म, जवाबदेही और जनभावना से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब ऐसा नेतृत्व चाहता है जो उस आध्यात्मिक विरासत, बलिदानों और परंपराओं का सम्मान करे जो इस प्रदेश की पहचान की नींव हैं, न कि ऐसी सरकार जो उनका उपहास करती हो।

उन्होंने कहा, "पंजाब की संगत कभी अहंकार, छल और अपने पूज्य धार्मिक संस्थानों के अपमान को स्वीकार नहीं करेगी। भगवंत मान बिना देरी इस्तीफा दें, उनका पूरा मंत्रिमंडल पद छोड़े और सिख संगत से क्षमा माँगे।"

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!