बूथ इंचार्ज से राज्यसभा तक : जानिए कैसे तय हुआ तरुण चुग का सफर

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 04 Jun, 2026 11:20 PM

from booth in charge to rajya sabha learn how tarun chugh s journey unfolded

भारतीय जनता पार्टी द्वारा राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ को राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाए जाने के निर्णय को भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर संगठनात्मक कार्यकर्ता से राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचने वाले...

पंजाब डैस्क :  भारतीय जनता पार्टी द्वारा राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ को राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाए जाने के निर्णय को भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर संगठनात्मक कार्यकर्ता से राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचने वाले चुनिंदा नेताओं में शामिल तरुण चुघ का यह राजनीतिक सफर भाजपा की कार्यकर्ता-आधारित राजनीति का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

अमृतसर की नमक मंडी क्षेत्र से शक्ति नगर अमृतसर शाखा से छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भाजपा में एक बूथ इंचार्ज के रूप में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले तरुण चुघ ने संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते हुए मंडल, जिला एवं प्रदेश सहित राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद और विभिन्न राज्यों में संगठन विस्तार में निभाई गई भूमिका ने उन्हें भाजपा नेतृत्व का विश्वासपात्र बनाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय मंत्री और जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्होंने 12 वर्ष जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु और अंडमान निकोबार  सहित कई राज्यों में पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा के लिए उनकी उम्मीदवारी भाजपा के उस मॉडल को मजबूत करती है, जिसमें संगठन में बिना किसी स्वार्थ के लंबे समय तक कार्य करने वाले नेताओं को बिना मांगे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती हैं। पंजाब से आने वाले तरुण चुग की राज्यसभा में उपस्थिति राज्य के मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर और अधिक प्रभावी ढंग से उठाने में सहायक हो सकती है।

देश भर के भाजपा के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का खुशी से स्वागत करते हुए इसे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं के सम्मान के रूप में देखा है। उनका कहना है कि तरुण चुग की नियुक्ति यह संदेश देती है कि भाजपा में संगठन के प्रति समर्पण, परिश्रम और निरंतर सक्रियता को महत्व दिया जाता है।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि राज्यसभा में पहुंचने के बाद तरुण चुग पंजाब से जुड़े विकास, सुरक्षा, सीमा क्षेत्र, उद्योग और युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकते हैं। पार्टी नेतृत्व को विश्वास है कि उनका व्यापक संगठनात्मक अनुभव संसद में भी प्रभावी भूमिका निभाने में सहायक होगा।

भाजपा द्वारा तरुण चुग को राज्यसभा भेजने का निर्णय न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि इसे संगठन के उस कार्यकर्ता-केन्द्रित दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसने उन्हें बूथ स्तर से राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र तक पहुंचाया।

भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग बालकल से स्वयंसेवक हैं और इनका परिवार पिछले तीन पीढियां से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा परिवार है, 1997 में विद्यार्थी परिषद से जुड़े 1989 में बूथ इंचार्ज बने 1993 में जिले की युवा मोर्चा इकाई के अध्यक्ष बने थे। 1997 में पंजाब भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष का दायित्व निभाया, 2003 में जिला भाजपा उपाध्यक्ष, 2008 में प्रदेश भाजपा सचिव, 2012 में प्रदेश महामंत्री, और 2014 में दिल्ली का सफ़र पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री तौर पर और 2020 में राष्ट्रीय महामंत्री और अब 2026 में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सहित राज्यसभा का सफ़र तय किया तरुण चुग ने।

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