दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली पर तरुण चुघ ने बोला तीखा हमला

Edited By Kalash,Updated: 02 Nov, 2026 06:00 PM

tarun chugh

भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दस लाख की भीड़ जुटाने का दावा करने वाले राहुल गांधी की कल की रैली में मैदान खाली पड़ा था

नई दिल्ली : भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दस लाख की भीड़ जुटाने का दावा करने वाले राहुल गांधी की कल की रैली में मैदान खाली पड़ा था, कुर्सियां खाली थीं और रैली का एजेंडा भी पूरी तरह खाली था। देश की जनता ने एक बार फिर कांग्रेस की वोट चोरी की झूठी कहानी और फिल्मी पटकथा जैसी राजनीति को सिरे से नकार दिया है।

चुघ ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति अब केवल धमकियों, अराजकता और संवैधानिक संस्थाओं एवं न्यायपालिका पर हमलों तक सिमटकर रह गई है। उनके नेतृत्व में देश में अराजकता फैलाने के जो प्रयास हो रहे हैं, उनका जनता कड़ा विरोध कर रही है। राहुल गांधी आज देश की राजनीति में उपहास का पात्र बनकर रह गए हैं। मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने से किसी को कौन रोक सकता है, लेकिन राहुल जी, यह भारत की जनता है, जो आपको मॉक पार्लियामेंट में भी प्रधानमंत्री के रूप में देखना नहीं चाहती।

उन्होंने कहा कि संसद का मजाक उड़ाने के लिए आयोजित इस तथाकथित मॉक पार्लियामेंट में न तो कोई गंभीर संसदीय विमर्श था और न ही कोई जनहित का एजेंडा। यह देश की संसद का मजाक उड़ाने की एक निर्लज्ज और नाकाम कोशिश थी। लोकतंत्र और संसदीय संस्थाओं का सम्मान करने के बजाय कांग्रेस उन्हें राजनीतिक तमाशे का मंच बनाने में जुटी है।

चुघ ने कहा कि राहुल गांधी का हार का पहला शतक पूरा हो चुका है और अब दूसरे शतक की शुरुआत हो गई है। अभी उन्हें 100 और चुनाव हारने हैं। जो व्यक्ति भारत की वीर सेना के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करता हो, पाकिस्तान की सेना की भाषा बोलता हो, देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के षड्यंत्र रचता हो और विदेशी टूलकिट के माध्यम से भारत को कमजोर करने तथा अराजकता फैलाने की कोशिश करता हो, उसे देश की जनता कभी स्वीकार नहीं कर सकती।

चुघ ने कहा कि राहुल गांधी दूसरों को आईना दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कालिख उनके अपने माथे पर लगी है। 1984 के सिख कत्लेआम, देश के लोकतंत्र को कुचलकर आपातकाल थोपने, भोपाल गैस त्रासदी के दोषी को देश से भगाने और 12 लाख करोड़ रुपये के घोटालों के आरोपों का इतिहास कांग्रेस के माथे पर दर्ज है। देश इन काले अध्यायों को कभी नहीं भूलेगा और न ही कांग्रेस को माफ करेगा। चुघ ने स्पष्ट कहा कि भारत में लोकतंत्र है और यहां जनता सर्वोच्च है। धमकियों और अराजकता के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को डराने तथा संसद का अपमान करने की राजनीति नहीं चलेगी। राहुल गांधी को जनता के जनादेश और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना सीखना चाहिए।

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