जालंधर में बढ़ेंगी परेशानियां, लटक सकता है टांडा रोड रेलवे अंडरब्रिज प्रोजेक्ट!

Edited By Urmila,Updated: 27 Jun, 2026 11:52 AM

tanda road railway underbridge project may face delays

शहर के व्यस्त टांडा रोड रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेलवे अंडरब्रिज (आर.यू.बी.) के निर्माण का बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट अब आगे बढ़ता परंतु लटकता नजर आ रहा है।

जालंधर (खुराना): शहर के व्यस्त टांडा रोड रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेलवे अंडरब्रिज (आर.यू.बी.) के निर्माण का बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट अब आगे बढ़ता परंतु लटकता नजर आ रहा है। वर्षों से लंबित इस प्रोजेक्ट को पहले प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन अब कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में भारी वृद्धि होने के कारण इसके लिए संशोधित प्रशासनिक मंजूरी लेना अनिवार्य हो गया है।

पंजाब सरकार के पी.डब्ल्यू.डी. (भवन एवं सड़क) विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, साहनेवाल–जालंधर–अमृतसर रेल लाइन पर स्थित टांडा फाटक लेवल क्रॉसिंग संख्या एस-63/ई 3 पर रेलवे अंडरब्रिज बनाने के प्रोजेक्ट को वर्ष 2021 में 13.06 करोड़ रुपए की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई थी। इस राशि में रेलवे के हिस्से के 2.22 करोड़ रुपये भी शामिल थे तथा प्रोजैक्ट के खर्च को रेलवे और राज्य सरकार द्वारा 50:50 अनुपात में साझा करने की सहमति भी दी गई थी।

इसके बाद उत्तरी रेलवे ने रोड प्लान और सर्वेक्षण के लिए 21.24 लाख रुपये की गैर-वापसी योग्य राशि जमा कराने को कहा। वहीं, रेलवे ने वर्ष 2025-26 की वार्षिक सूची में अपने हिस्से के काम के लिए 10.65 करोड़ रुपये का संशोधित अनुमान भी स्वीकृत कर दिया है।

पत्र में बताया गया है कि अंडरब्रिज के दोनों ओर बनने वाली एप्रोच सड़कों का निर्माण पी.डब्ल्यू.डी. द्वारा किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 25.10 करोड़ रुपये आंकी गई है। लागत में हुई इस बढ़ोतरी के कारण अब इस प्रोजेक्ट के लिए संशोधित प्रशासनिक मंजूरी लेना आवश्यक होगा।

गौरतलब है कि टांडा रोड रेलवे फाटक शहर के सबसे व्यस्त रेलवे क्रॉसिंगों में से एक है, जहां दिनभर लंबा जाम लगा रहता है। शहर निवासी लंबे समय से यहां रेलवे अंडरब्रिज की मांग कर रहे हैं। ऐसे में संशोधित मंजूरी मिलने के बाद ही प्रोजैक्ट के निर्माण कार्य का रास्ता साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।

दोमोरिया पुल और इकहरी पुली के मसले तो हल हुए नहीं, टांडा रोड पर पानी भरा तो कहां जाएंगे लोग

टांडा रोड रेलवे अंडरब्रिज प्रोजेक्ट की लागत बढ़ने और संशोधित प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया शुरू होने के बीच इस प्रोजैक्ट का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों को भी नया मुद्दा मिल गया है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि सरकार को निर्माण शुरू करने से पहले उन टैक्निकल और प्रैक्टिकल समस्याओं का समाधान सार्वजनिक करना चाहिए, जिन्हें लेकर लंबे समय से सवाल उठाए जा रहे हैं।

स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का कहना है कि प्रस्तावित अंडरब्रिज से कुछ ही दूरी पर स्थित दोमोरिया पुल और इकहरी पुली में हर बरसात के दौरान कई-कई फुट पानी भर जाता है। उनका सवाल है कि जब वर्षों से इन दोनों स्थानों पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया, तो कल को यदि टांडा रोड पर बनने वाले अंडरब्रिज में बारिश का पानी भर गया तो लोग कहां जाएंगे।

विरोध कर रहे लोगों का यह भी कहना है कि टांडा रोड कोई ज़्यादा चौड़ी सड़क नहीं है। अंडरब्रिज बनने के बाद दोनों ओर बनने वाली सर्विस लेन की चौड़ाई कम रह जाएगी, जिससे भारी वाहनों, स्थानीय ट्रैफिक और पैदल लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। विशेषकर लोहा कारोबार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, इसलिए सड़क की चौड़ाई और ट्रैफिक मैनेजमैंट पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने से पहले पानी की निकासी की आधुनिक व्यवस्था, सर्विस लेन की पर्याप्त चौड़ाई और भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत योजना सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि बाद में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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